टू व्हीलर : लूट लो ऑफर का आखिरी दिन आज, न लें रजिस्ट्रेशन का टेंशन

लाइव सिटीज डेस्क : सुप्रीम कोर्ट ने बीएस 3 मानक वाली वाहनों पर एक अप्रैल से जैसे ही बिक्री पर रोक लगाई. वैसे ही दो पहिया वाहनों पर भरी डिस्काउंट मिलने लगा है. कंपनियों ने ऐसे दोपहिया वाहनों की कीमतों में 5000 से 22000 रुपये तक की कटौती कर दी है. दोपहिया वाहनों में यह डिस्काउंट शुक्रवार को भी जारी रहेगा क्योंकि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पहली अप्रैल से इन वाहनों की बिक्री पर रोक लग जाएगी.

बता दें कि भारत चरण-चार (बीएस 4)उत्सर्जन मानक एक अप्रैल से प्रभाव में आने वाले हैं. न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर तथा न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने यह फैसला सुनाया.

इससे पहले वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने पीठ से वाहन कंपनियों को बीएस-तीन वाहनों के स्टॉक को निकालने के लिए करीब एक साल का समय मांगा था. 

वहीं, बुधवार को सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद से ही ऑटो कंपनियों ने बीएस 3 मानक वाले वाहनों को भारी छूट पर बेचना शुरू कर दिया था. गुरुवार को कंपनियां इस मामले में ज्यादा आक्रामक होकर सामने आई और दोपहिया वाहन बाजार की दो प्रमुख कंपनियों ने वाहनों पर भारी डिस्काउंट की घोषणा की.

फिलहाल बीएस-3 मानक वाले वाहनों में 671308 दोपहिया वाहन, 40048 तिपहिया, 96724 व्यावसायिक वाहन और 16198 कारें हैं. वर्ष 2010 से मार्च 2017 तक 41 वाहन कंपनियों ने 13 करोड़ बीएस-3 वाहनों बनाई हैं. फिलहाल वाहन कंपनियों के पास ऐसे लाखों वाहन स्टॉक में हैं.

हीरो और होंडा के पास सबसे अधिक है बीएस 3 मानक वाले वाहन, दे रहे बंपर डिस्काउंट 

गौरतलब है कि सबसे ज्यादा बीएस3 इंवेंटरी हीरो व होंडा के पास है. दुपहिया इंडस्‍ट्री के पास अभी भी 6.71 लाख वाहन बचे हुए हैं जिन्हें कंपनियां 1 अप्रैल के बाद नहीं बेच पाएंगी.

हीरो ने अपने स्‍कूटरों की बिक्री पर 12,500 रुपये की छूट, प्रीमियम मोटरसाइकिलों पर 7500 की छूट व एंट्री लेवल मोटरसाइकिलों पर 5000 रुपये के छूट का ऑफर किया है. हीरो से मिली जानकारी के मुताबिक यह ऑफर 31 मार्च तक दिया जा रहा है. वहीं दूसरी ओर होंडा ने अपने सभी दुपहिया वाहनों पर महज एक डिस्काउंट 22000 रुपये दिया है. ये कंपनियां एक अंतिम प्रयास कर रही हैं कि उनके बीएस3 मानक पर बने ज्यादा से ज्यादा माल 31 मार्च से पहले निकल जाए. 

कार कंपनियों पर भी लागू होगा कोर्ट का आदेश

सुप्रीम कोर्ट का आदेश कार कंपनियों पर भी लागू होगा. लेकिन ज्यादातर कार कंपनियां पहले से ही बीएस 4 मानक वाले वाहन बना रही हैं इसलिए उनके पास बीएस 3 वाहनों की संख्या काफी सीमित है. सूत्र बताते हैं जिन कंपनियों के पास कुछ वाहन बचे भी हैं वे उन्हें या तो अपने कर्मचारियों को दे रही हैं अथवा कारखानों के भीतर के आवागमन में इस्तेमाल के लिए रख रही हैं. बताया जा रहा है कि देश भर में बीएस 3 मानक वाली कारों की संख्या 60 हजार के आसपास है. हालांकि यह केवल कुछ निर्माताओं तक ही सीमित है.

टेंशन न लें खरीद की डेट को माना जाएगा रजिस्ट्रेशन का आधार

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार शाम तक ही बीएस 3 मानकों की बिक्री की जा सकती है. हालांकि यदि कोई ग्राहक 31 मार्च को भी वाहन खरीदेगा तो वह उसका रजिस्ट्रेशन बाद में करा सकेगा. उसकी खरीद की तारीख 31 मार्च 2017 या इससे पहले की होनी चाहिए. सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश पूरे देश पर लागू है.

क्या है बीएस 3

बीएस के मायने एमिशन स्टैंडर्ड से है.  बीएस यानी भारत स्टेज से पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना प्रदूषण फैलाती है.

बीएस के जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है.

बीएस मानक सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तय करता है. देश में चलने वाली हर गाड़ियों के लिए बीएस का मानक जरूरी है.

बीएस के साथ जो नंबर होता है उससे यह पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है. यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण.

भारत में एनसीआर और कुछ दूसरे शहरों में बीएस 4 लागू है. वैसे देश भर में बीएस 3 लागू है.

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