लूट लो ऑफर : पटना में हीरो और TVS में स्टॉक खत्म, सुजुकी में उमड़ी भीड़

पटना. पटना में शुक्रवार को सुबह 8 बजे से ही लोगों की भारी भीड़ चन्दन  हीरो, आशा  हीरो, प्रेम होंडा, समेत  होंडा, टीवीएस, बजाज और यामहा के शो रूम के आसपास जुटने लगी. 9-10 बजे के बीच जैसे ही शो रूम खुले ग्राहकों में जल्दी से जल्दी बाइक खरीदने की होड़ मच गई. 
खुलते ही  खत्म हो गए चन्दन हीरो में बाइक का स्टोक 
अधिक ग्राहक जुटने और अफरातफरी से डर कर चंदन हीरो ने पुलिस को बुला लिया. सुबह 11 बजे ही चन्दन हीरो में बाइक का स्टॉक  खत्म हो गया. बीएस 3 मॉडल में सबसे अधिक छूट हीरो और होंडा के स्कूटर पर थी, जिसके चलते सबसे पहले इनका स्टॉक खत्म हुआ. 
HERO TVS का स्टाक खत्म, सुजुकी के शो रूम में उमड़ी  भीड़ 
पटना के करीब सभी हीरो और टीवीएस के शो रूम में बाइक का स्टोक खत्म हो चुका है. अब लोगो की भीड़ सुजुकी शोरूम में उमड़ रही है. पटना के रामगुलाम चौक पर सुजुकी शो रूम में काफीभीड़ उमड़ी है. शो रूम प्रबंधक ने बताया कि भीड़ को देखते हुए पुलिस को बुला लिया गया है.
  
पहली बार एक दिन में बिकी 52 करोड़ की 7200 से अधिक बाइक
गुरुवार को पटना में पहली बार एक दिन में 52 करोड़ रुपए के 7200 बाइक बिके थे. शुक्रवार को भी बाइक की बिक्री में तेजी है.हालात ऐसे हैं कि अधिकतर कंपनियों के पॉपुलर मॉडल के स्टॉक खत्म हो चुके हैं. शोरूम में अफरातफरी की स्थिति है. ग्राहकों से पूरी पेमेंट लेकर सिर्फ रसीद थमाया जा रहा है. उन्हें डिलीवरी के लिए 3-4 दिन बाद आने को कहा जा रहा है.
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद BS 3 मॉडल की गाड़ी 1 अप्रैल से नहीं बिकेगी
बता दें कि भारत चरण-चार (बीएस 4)उत्सर्जन मानक एक अप्रैल से प्रभाव में आने वाले हैं. न्यायमूर्ति मदन बी लोकुर तथा न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने यह फैसला सुनाया. इससे पहले वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए एम सिंघवी ने पीठ से वाहन कंपनियों को बीएस-तीन वाहनों के स्टॉक को निकालने के लिए करीब एक साल का समय मांगा था.  

क्या है बीएस 3

बीएस के मायने एमिशन स्टैंडर्ड से है.  बीएस यानी भारत स्टेज से पता चलता है कि आपकी गाड़ी कितना प्रदूषण फैलाती है.

बीएस के जरिए ही भारत सरकार गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को रेगुलेट करती है.

बीएस मानक सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तय करता है. देश में चलने वाली हर गाड़ियों के लिए बीएस का मानक जरूरी है.

बीएस के साथ जो नंबर होता है उससे यह पता चलता है कि इंजन कितना प्रदूषण फैलाता है. यानी जितना बड़ा नंबर उतना कम प्रदूषण.

भारत में एनसीआर और कुछ दूसरे शहरों में बीएस 4 लागू है. वैसे देश भर में बीएस 3 लागू है..

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