रामकृष्णा नगर में किराना दुकान लगी आग, लाखों का समान जलकर राख

पटना(अजित कुमार): सोमवार की सुबह रामकृष्णा नगर के पप्पु मार्केट में स्थित किराना दुकान में शाॅट सर्किट आग लग जाने से नकद समेत लाखों रूपये की खाद सामग्री जल कर राख हो गयी. दो दमकल की गाडी आने के बाद आग को बुझाया गया. सोमवार की सुबह लोगों ने सूचना दी की दुकान से आग लग हुआ है. स्थानीय लोगों ने अपने स्तर पर भरपुर प्रयास किया गया. मगर आग नही बुझ सका. फिर दो दमकल की गाड़ियों के आने पर आग पर काबू पाया जा सका. तब तक 2 लाख नकद समेत बारह लाख का समान जल कर राख हो गया. आने वाले होली पर्व को लेकर दुकान में खानेपीने की सारी चीजें थी. प्रभारी थानेदार टीएन ठाकुर ने बताया कि शार्ट सर्किट से किराना दुकान में आग लगी है. पुलिस मामले की जांच कर रही है. अबतक लिखित रूप से आवदेन नही आया है.

60 लडकियों को प्रशिक्षित करके प्रमाण पत्र से किया गया सम्मानित

फुलवारीशरीफ: बीडीओ शमशीर मल्लिक ने कहा कि एक बच्ची शिक्षित होती है तो सात खानदान पढता है. सोमवार को भारत सरकार के द्वारा पोषित मशाल एनजीओने इसापुर स्लम बस्तियों में 60 लडकियों को टेलरिंग और सिलाई का प्रशिक्षित को प्रमाण पत्र सम्मनित करते हुए कहा कि अब आप स्वलांबी हो चुकी हैं. इस मौके पर इबरार अहमद खान, कौसर खान समेत अन्य लोग मौजुद थे.

आॅटो मोटर साइकिल टक्कर मेबाइक सवार जख्मी
फुलवारीशरीफ । आॅटोऔर मोटर साइकिल की टक्कर में बाइक सवार जख्मी होगया । यह घटना सोमवार को नौहसा मोड केनिकट हुयी है बालमी निवासी मुकेश कुमार बाइक से बजार जाने केदौरान आॅटो से टक्कर मार दी । जिसकेकारण बाइक सवार घायल होगय। स्थानीय लोग निजी नर्सिंग होम में ले गये.

हर बेहोशी मिर्गी नही होती है: डा गुंजन

फुलवारीशरीफ: पटना एम्स के न्यूरोलाॅजी विभागाध्यक्ष डा. गुंजन कुमार ने कहा कि पूरे विश्व में पांच करोड़ से अधिक लोग मिर्गी से पीडित है. जिसमें भारत में एक करोड़ से अधिक लोग इस बीमारी से ग्रस्त है. हर बेहोशी मिर्गी नही होती है. मिर्गी लाइलाज नही है. इस बीमारी का संपूर्ण इलाज है. सोमवार को एम्स के न्यूरोलाॅजी विभाग की ओर से अंतर्राष्ट्रीय एपिलिप्सी (मिर्गी) जागरूकता दिवस पर मिर्गी रोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि किसी को मिर्गी तीस सेकण्ड से दो मिनट तक आता है तो वह खतरनाक नही है. लेकिन पांच मिनट तक मिर्गी का दौरा पडता है कि जानलेवा साबित हो सकता है.

उन्होंने कहा कि वैसे रोगियों को तुरंत निकट के अस्पताल में ले जाना चाहिए. मिर्गी बीमारी होने के कई कारण है जैसे ब्रेन में इंफेक्शन होना, स्टोक होना, सर में चोट लगना आदि. उन्होंने मिर्गी रोगियों को सलाह दी के अंधविश्वास के चक्र में न पड़ें. मिर्गी बिमारी होने के बाद लोग जूता सूंघाना, जादु टोना, झाड फुक, लोहे पकडवाना गलत है. इस बीमारी का पूर्ण इलाज है. बीमारी के लिए पंद्रह से अधिक दवाईयां उपलब्ध है. डाक्टरों के परामर्श से दवाईयां लें और भरपुर नींद लें.

यह धारणा पूरी तरह से गलत है कि मिर्गीग्रस्त महिलाएं गर्भधारण नहीं कर सकतीं. इस रोग से ग्रस्त महिला मां बन सकती है. इससे पूर्व निदेशक डाॅ.प्रभात कुमार सिंह ने मरीजों को मिर्गी रोग के प्रति जागरूक होने और समय पर दवाईयां लें. कार्यक्रम में एम्स के चिकित्साधीक्षक डाॅ.एस.एस. गुप्ता, रेडियोलाॅजी विभागाध्यक्ष डाॅ. प्रेमकुमार, डाॅ.सुभाषकुमार, मेडिसिन विभागाध्यक्ष डाॅ.रवि कीर्ति समेत अन्य चिकित्सक उपस्थित रहे.

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