हो जाइये सावधान, बच्चे तोड़ेंगे ट्रैफिक रूल तो आपको मिलेगी ये सजा

पटना: साहब आप गाड़ी तो चलाते हैं लेकिन ये भूल जाते हैं कि आपके बच्चे आपसे ही सिख रहे हैं. इतने दिनों से तो सब वैसा ही चलता रहा पर अब नियम बदल गई है. अब अगर आपके बच्चे सड़क पर सावधानी के साथ नहीं चलेंगे तो उनको जुर्माना लग जाएगा. साथ ही उनके गार्डियन को भी दंड का भागीदारी बनना होगा. अब अगर बच्चे ट्रैफिक रूल तोड़ेंगे तो गार्जियन दोषी होंगे. मोटर वाहन (संशोधन) विधेयक 2016 में इसका प्रावधान किया गया है. नए नियम के तहत नाबालिगों द्वारा किए जाने वाले क्राइम के लिए गार्जियन और गाड़ी के मालिक को दोषी माना जाएगा. इस स्थिति में 25000 रूपये का जुर्माना और 3 साल की जेल हो सकती है. आरोपी नाबालिग पर जेजे एक्ट के तहत केस चलेगा. गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द हो सकता है.

संसद में पास होने के बाद लेगा कानून का रूप

1.एक अनुमान के मुताबिक देश में हर साल 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिसमें 1.5 लाख लोगों की मौत हो जाती है. इस कारण से मोटर वाहन विधेयक को और सख्त किया गया है.

2.केंद्रीय कैबिनेट ने विधेयक को मंजूरी दे दी है. संसद से पास होने के बाद यह कानून का रूप लेगा.

3.ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन महासचिव राजकुमार झा ने कहा कि यह विधेयक लोकसभा में पास हो चुका है. राज्यसभा में 5 जनवरी तक आने की उम्मीद है.

4.लोकसभा से पास होने के बाद पहले भी विधेयक को राज्यसभा में प्रस्तुत किया गया था. लेकिन, मेंबर्स की आपत्ति के बाद उसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया.

5.कमेटी में राज्यसभा और लोकसभा के 18 मेंबर्स थे. कमेटी ने अपनी रिपोर्ट राज्यसभा को दी है. ट्रांसपोर्ट इंडस्ट्रीज से जुड़े संगठनों के विरोध को सेलेक्ट कमेटी ने नजरअंदाज कर दिया है.

6.लेकिन, ऑल इंडिया रोड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स फेडरेशन कानून बनने के बाद भी विरोध जारी रखेगा. 15 जनवरी को सेंट्रल ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा द्वारा अखिल भारतीय कन्वेंशन दिल्ली में आयोजित होगा, जिसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी.

हिट एंड रन के मामले में मिलेगा 2 लाख मुआवजा

1.नए विधेयक में हिट एंड रन के मामले में विक्टिम के फैमिली को दो लाख रुपए का मुआवजा देने का प्रावधान है. अभी 25000 रुपए मुआवजा मिलता है.

2.हिट एंड रन का मतलब, कोई गाड़ी किसी व्यक्ति को टक्कर मारकर भाग गई और व्यक्ति की मौत स्पॉट पर हो गई. टक्कर मारने वाले की पहचान नहीं हो सकी.

3.ऐसी स्थिति में डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन विक्टिम फैमिली को दो लाख रूपये मुआवजा देगा.

विधेयक में नए प्रावधान के तहत जुर्माना

1.धारा 193 एग्रीगेटर (लाइसेंस के शर्तों का उल्लंघन) 25000 से 1 लाख का जुर्माना.
2.धारा 182 बी आकार से बड़े वाहन पर 5000 रुपए जुर्माना.
3.धारा 195 ई आपातकालीन वाहनों को मार्ग नहीं देना 1000 रुपए जुर्माना.
4.धारा 194 ए यात्रियों की ओवरलोडिंग पर 1000 रुपए प्रति अतिरिक्त यात्री जुर्माना.

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