जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल से PMCH में ‘कोहराम’, छह मरीजों की मौत…

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पटना (नियाज़ आलम) : जूनियर डॉक्टर की हड़ताल से पीएमसीएच की व्यवस्था पर ज़बरदस्त असर पड़ा है. डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज में काफी परेशानी हो रही है. इतना ही नहीं, कई मरीज़ तो सही इलाज नहीं होने के कारण वापस जाने को मजबूर हैं. वहीं अब तक छह मरीजों की मौत होने की खबर है. हालांकि अस्पताल प्रशासन इसकी पुष्टि करने से इनकार कर रहा है.

ऐसे ही मरीज़ में रघुनाथपुर, पाली से आये 62 वर्षीय बुज़ुर्ग जयनंदन यादव भी शामिल हैं. जयनंदन की पसली में फ्रैक्चर है और वे शनिवार से ही इमरजेंसी में भर्ती हैं. इलाज भी हो रहा था, लेकिन बुधवार को जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से उन पर समस्याओं का पहाड़ टूट पड़ा. परिजनों के मुताबिक पसली के दर्द से परेशान जयनंदन को सुबह से कोई भी डॉक्टर देखेने नहीं पहुंचा. यहां तक कि उन्हें दोपहर तक दर्द का इंजेक्शन भी नहीं लगा.

जयनंदन ने बताया कि 62 की उम्र में उनसे यह दर्द सहन नहीं होता है. उनके परिजनों ने सुबह से डॉक्टरों के कमरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन कोई पूछने वाला नहीं है. उन्होंने कहा कि वे इस हालात में जयनंदन को मरने के लिए नहीं छोड़ सकते, इसलिए यहां से जा रहे हैं. कहां जा रहे हैं इसका जवाब उनलोगों के पास नहीं. इतना ही नहीं, जल्दी में जाने के कारण गाड़ी वाले को भी ज़्यादा पैसा देना पड़ रहा है. जयनंदन ने कहा कि यहां इलाज के साथ कुछ पैसा बचाने आये थे, लेकिन उलटे पैसे भी बर्बाद हो रहे हैं.

कमोबेश यही स्थिति है फतुहा से आयी रूबी देवी की. 26 वर्षीया रूबी सोमवार को कमर के दर्द की समस्या के कारण पीएमसीएच में भर्ती हुईं, लेकिन हड़ताल के कारण उन्हें भी बड़ी दिक्कत हो रही है. डॉक्टरों के नदारद होने से उनके पिता दिनेश कुमार काफी परेशान हैं. उन्होंने कहा कि सुबह से कोई भी डॉक्टर नहीं मिल रहा है. सीनियर डॉक्टर बिना देखे ही पुरानी दवा जारी रखने की बात कह रहे हैं. दिनेश कुमार ने कहा कि वो अपनी बेटी को ऐसी स्थिति में यहां नहीं छोड़ सकते है.

इतना ही नहीं सूत्रों के अनुसार अब तक करीब छह पेशेंट की मौत हो चुकी है. हालांकि अस्पताल प्रशासन की अपनी ही दलील है. पीएमसीएच के प्राचार्य ने बताया कि हड़ताल की वजह से अस्पताल में इलाजरत रोगियों के देख भाल में कोई परेशानी नहीं हो रही है. उन्होंने यह भी बताया कि रोगियों के इलाज के लिए सीनियर डॉक्टर उसके अलावा इंटर्नस और बाहर से आए डॉक्टर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं. जहां तक रोगियों की मृत्यु के सवाल है, तो सामान्य स्थिति में भी अस्पताल में रोगियों की मृत्यु होती रहती है. रोगियों के मृत्यु से संबंधित संख्या के विषय में प्राचार्य ने जानकारी नहीं होने की बात बताई. वहीं डिप्टी मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉक्टर आरके जमैयार ने भी स्थिति सामान्य होने की बात कही है.

बता दें कि गति दिनों आईएएस भवन में पीजी डॉक्टरों के काउंसलिंग के दौरान हुए लाठीचार्ज के विरोध में आज पीएमसीएच के पीजी डॉक्टर हड़ताल पर हैं. उनकी मांग है कि उनके गिरफ्तार साथियों को तुरंत छोड़ा जाये. उधर आईबी की भी नज़र इस मामले पर है.

पीजी डॉक्टरों के हड़ताल पर खुफिया विभाग की भी नज़र है. पीएमसीएच में आईबी के लोग तैनात हैं और हालात पर पैनी नज़र बनाये हुए हैं. विभाग लगातार अस्पताल प्रशासन के संपर्क में है और उनसे स्थिति की जानकारी ले रहा है. नाम नहीं छापने की शर्त पर आईबी की एक महिला अफसर ने बताया कि विभाग हड़ताल पर विभाग की पूरी नज़र है. इस मामले में कोई नया मोड़ न आये इसके लिए आईबी सतर्क है.

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