प्रशासन ने बिना नोटिस उजाड़ दी दुकानें, धरने पर बैठे स्ट्रीट वेंडर

पटना (नियाज़ आलम) : वीरचन्द्र पटेल पथ स्थित MLA फ्लैट्स के पास स्ट्रीट वेंडरों पर गुरुवार की सुबह अचानक प्रशासन का कहर टूट पड़ा. सुबह-सुबह जब दुकानदार अपनी रोजी-रोटी कमाने के लिए दुकान पहुंचे तो प्रशासन ने उन्हें दुकान खाली करने का फरमान सुना दिया.

पुलिसकर्मी जबरन दुकान बन्द कराने लगे, जिसके बाद एमएलए फ्लैट दुकानदार संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष दुकानदार धरने पर बैठ गए. संघ के अध्यक्ष विनय कुमार के मुताबिक दुकान खाली करने के संबंध में उन्हें किसी भी प्रकार की पूर्व सूचना नहीं मिली. सुबह अचानक पुलिसकर्मी आकर दुकान खाली करने की बात करने लगे. कई दुकानों को बन्द करा दिया गया और रास्ते भी खुदवा दिए गए.

धरने का नेतृत्व कर रहे मुर्तुज़ा खान ने कहा कि दुकान खाली कराने से पहले दुकानदारों को विकल्प दिया जाए. उन्होंने कहा कि सरकार मनमानी कर रही है और गरीबों को पूछने वाला कोई नहीं.

जबतक सरकार कोई विकल्प मुहैया नहीं कराती यहां धरने के बाद आमरण अनशन तक किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह पेट का, गरीबी का, भुखमरी का और बच्चों का सवाल है. दुकान बन्द होने के बाद गरीब दुकानदार वैसे भी मर जाएंगे, तो अपने अधिकार की लड़ाई के लिए अपने बच्चों के साथ यहीं जान दे देंगे.

मुर्तुज़ा खान ने बताया कि उन्हें दलील दी गई है कि एमएलए फ्लैट के आगे बाउंड्री की जाएगी. उन्होंने कहा कि सरकार जो चाहे करे लेकिन गरीब दुकानदारों की समस्या का समाधान करे. उन्होंने कहा कि पुलिस-प्रशासन का जिस तरह का रवैया है उससे तो यही पता चल रहा कि यहां सरकार नाम की कोई चीज़ नहीं है.

बता दें कि स्ट्रीट वेंडर (स्ट्रीट वेंडिंग के जीवन-स्तर और विनियमन का संरक्षण) एक्ट-2014 का उद्देश्य शहरी सड़क विक्रेताओं के लिए किसी भी तिमाही से उत्पीड़न के बिना अपनी गतिविधियों को पूरा करने के लिए एक अनुकूल पर्यावरण को बढ़ावा देना है. यह शहरी सड़क वेंडिंग के विनियमन के लिए भी प्रदान करता है और सभी राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के लिए समान रूप से लागू होता है.

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