गुरूद्वारा गुरु का बाग में चल रहा वार्षिक स्नान मेला

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पटना : पटना सिटी गुरूद्वारा गुरु का बाग में वार्षिक स्नान मेला का आयोजन किया गया. बताया जाता हैं धर्म रक्षक एवं हिन्द की सिक्खों के नोवें गुरु श्री गुरुतेग बहादुर साहिब अपने परिवार को पटना मे ही छोड़ कर के आसाम बंगाल की यात्रा पर चले गए थे. आसाम से वापसी के बाद गुरुतेग बहादुर जी सूखे हुए बाग में ठहरे थे. गुरुतेग बहादुर जी के चरण बाद में पड़ते ही सूखा हुआ बाग एकदम सा हरा भरा हो गया. इस चमत्कार को देखते ही बाग के माली अपने माली के पास गया और बताया की एक संत महापुरुष के बाग में आते ही सूखा हुआ बाग फिर से हरा भरा हो गया है.

दोनों नवाब भाई नवाब रहीम बकश और करीम बकश अपने दरबारियों के साथ गुरु जी के दर्शन के लिए बाग में पहुंचे. गुरु जी ने नवाब भाइयों से तीन बार पूछा की ये बाग आपका है. दोनों ने बड़े श्रदापूर्वक कहा की ये बाग गुरु जी का है और दान के रूप में उस बाग को गुरु जी को समर्पित कर दिया.

उस दिन से ये बाग गुरु का बाग के नाम से एक पूजनीय स्थल बन गया. गुरु जी इसी बाग में तप करते हुए एक साधु के मन में उभरते हुए भ्रम को दूर किए थे. गुरु जी अपने पुत्र गोविंद राय जी दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के नाम से पूज्य है. (पहली बार इसी बाग में बैशाख सुदी सप्तमी के दिन मुलाक़ात हुई थी)

गुरु जी ने ये वरदान दिया था की जो प्राणी प्रत्येक महीना के शुक्ल पक्ष के सप्तमी के दिन गुरुद्वारा गुरु का बाग स्थित कुआं के पानी से श्रद्धापूर्वक स्नान करेगा उसकी सभी मनोकामना पूरी होगी. उसी के बाद से बैशाख सुदी सप्तमी को गुरुद्वारा गुरु का बाग में एेतिहासिक एवं पवित्र कुआं के जल से स्नान कर स्नान मेला हर साल धूम धाम से मनाया जाने लगा, जिसमे इस स्नान मेला में काफी दूर से स्नान करने को आते हैं.

गुरुद्वारा गुरु का बाग में 30 अप्रैल से अखंड पाठ चल रहा था, जो आज के इस स्नान मेला के समाप्ती के बाद हुआ.

 

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