सीयूएसबी में प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर सात दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ  

पटना: अध्यापकों द्वारा कक्षा को रचनात्मक रूप देने और छात्रों में सृजनशीलता का विकास करने हेतु दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के परिसर में शिक्षा पीठ द्वारा प्रोजक्ट बेस्ड लर्निंग एंड इट्स असेसमेंट प्रकरण पर सात दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला का शुभारंभ सोमवार 31 जुलाई 2017  को किया गया. कार्यशाला का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलपति माननीय प्रो. हरिश्चंद्र सिंह राठौर ने दीप जलाकर किया. शिक्षा पीठ की डीन प्रो. रेखा अग्रवाल ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यशाला के मुख्य विषय पर प्रकाश डालते हुए प्रो. राठौर ने देश की शिक्षा व्यवस्था के गिरते स्तर पर अपनी चिंता जताई, और पारंपरिक रटने के सिद्धान्त की आलोचना की और कहा कि चीन और अमेरिका जैसे विकसित देश अपनी शिक्षा व्यवस्था में दक्षताओं को स्थान देते हैं न कि विषयों को रटने की प्रवृत्ति को. उन्होंने भारत में भी दक्षताओं के विकास को शिक्षा में स्थान देने का पुरजोर समर्थन किया.
इस कार्यशाला का मुख्य लक्ष्य अध्यापकों को एक ऐसा मंच उपलब्ध कराना है जहां वे अपने शिक्षण-अधिगम और मूल्यांकन से जुड़े हर पहलुओं पर विचार कर सकें और कक्षा में प्रोजेक्ट मेथड का प्रयोग कर सकें. इस प्रशिक्षण-सह-कार्यशाला में शिक्षा पीठ के प्राध्यापकों के साथ-साथ, देश के विभिन्न प्रान्तों से आये अध्यापक/अध्यापिकाओं और शोधार्थियों ने हिस्सा लिया.  प्रशिक्षण-सह कार्यशाला के प्रथम सत्र में शिक्षा पीठ की स्वाति गुप्ता ने फंडामेंटल्स ऑफ प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग पर व्याख्यान दिया. कार्यशाला के दूसरे सत्र में शिक्षा विभाग, पटना विश्विद्यालय के प्रोफेसर खगेन्द्र कुमार ने प्रोजेक्ट आधारित अधिगम पर विस्तृत रूप से विवेचन किया. उन्होंने विभिन्न उदाहरणों की सहायता से प्रोजेक्ट विधि और इसकी सहायता से अधिगम कैसे किया जाए इसको बताया. अपने व्याख्यान में उन्होंने व्यवहारिक शिक्षा उपागमों और संज्ञानात्मक शिक्षा उपागमों की उपयोगिता के बारे में बताया और ये भी स्पष्ट किया कि किस प्रकार ये उपागम प्रोजेक्ट आधारित अधिगम में अपनी महती भूमिका निभाता है. शिक्षा पीठ की असिस्टेंट प्रोफेसर चंद्र प्रभा पांडेय ने प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग में प्रयोग होने वाले विभिन्न चरणों पर व्याख्यान दिया और ग्रुप एक्टिविटी करायी.
कार्यशाला के प्रथम दिन शिक्षा पीठ के तपन कुमार बसंतिया, डॉ. रविकांत, डॉ. रिंकी, डॉ. मितांजलि साहू, डॉ. तरुण कुमार त्यागी, डॉ. प्रज्ञा गुप्ता, डॉ. रविन्द्र कुमार, मो. मोज़म्मिल हसन, किशोर कुमार, राम अवध सहित शिक्षा पीठ के समस्त अध्यापक सम्मिलित हुए और अपने सुझाव दिए. कार्यक्रम का संयोजन शिक्षा पीठ के अस्सिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. जीतेन्द्र कुमार ने किया और मंच संचालन डॉ. कविता सिंह ने किया. अंत में धन्यवाद ज्ञापन शिक्षा पीठ के प्रोफेसर कौशल किशोर ने किया.

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