नहीं मिला लीज का पैसा तो बंद कर दिया कंगन घाट जाने का रास्ता

पटना (जुलकर नैन) : 350वें प्रकाशपर्व के इंतजामात को लेकर बिहार सरकार ने कई लोगों की जमीनें लीज पर ली थी. जिनमें से कुछ को पैसे का भुगतान कर दिया गया. वहीं कुछ को अब तक पैसा नहीं मिल पाया. अब लोगों में पैसे न मिलने की वजह से आक्रोश है. स्थानीय लोग सरकार की इस लापरवाही का विरोध कर रहे हैं. हंगामा हो रहा है. अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर काटते-काटते जब कोई फायदा न हुआ तो अब लोगों ने विरोध का फैसला लिया है.

विरोध की शुरूआत पटनासिटी के कंगन घाट से हुई है. बताया जा रहा है कि पटना साहिब की धरती पर गुरु गोविंद सिंह महाराज का 350वां प्रकाशपर्व बड़े धूम-धाम से बिहार सरकार द्वारा मनाया गया. कई जगहों पर विशेष आयोजन किये गए थे. प्रकाशपर्व में देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए कई स्थानों पर रुकने की व्यवस्था की गई थी. जिसके लिए बिहार सरकार ने लोगों से जमीनों को लिज़ पर लिया था. जिसके बाद सरकार द्वारा लोगों को पैसे का भुगतान किया गया. लेकिन सबसे अहम माने जाने वाले कंगन घाट जाने के लिए जो रास्ता बना था. उसकी जमीन भी लीज पर ली गई थी उसका भुगतान अब तक नहीं किया गया है.

इसी को लेकर अब लोग हंगामा कर रहे हैं. रास्ते की जमीन के मालिक गोपाल कुमार ने कंगन घाट स्तिथ प्लॉट नंबर-407 वार्ड संख्या-28 में 1.5 कट्ठा जमीन को 99 साल के लीज़ पर दिया था. जमीन के मालिक गोपाल कुमार ने बताया की सरकार के द्वारा 99 साल की लीज़ के लिए रकम तय हुई थी. 6 महीनें बीत जाने के बाद भी एक रुपया नहीं दिया गया. गोपाल कुमार सभी वरीय पदाधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते थक गए और हार कर उन्होंने रास्ते को बांस से घेर दिया.

गोपाल कुमार ने कहा कि इससे पहले भी उन्होंने रास्ते को बंद किया था. तब चौक थाना अध्यक्ष ने आकर के रास्ते को खोल दिया. जमीन के केयर टेकर वकील राय को गिरफ़तार भी किया गया. बाद में जमीन के असली कागजात दिखाने पर वकील राय को छोड़ा गया. गोपाल कुमार ने कहा की गुरुपर्व से पहले एसडीओ, सीईओ, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर और अन्य वरीय पदाधिकारी आए थे. उन्होंने कहा कि इतना बड़ा आयोजन होने जा रहा है और आपकी जमीन कंगन घाट के ठीक पीछे है. आप इसे हमें सौप दें. इसके बाद गोपाल कुमार ने जमीन सरकार को सौंप दिया.

हालात ऐसे हैं कि पिछले 6 महीनों से गोपाल कुमार दौड़ते-दौड़ते थक चुके हैं लेकिन एक फूटी कौड़ी नहीं मिली. सराकार के इस रवैये के खिलाफ लोगों में आक्रोश है. उधर रास्ता बंद हो जाने के कारण लोगों को बहुत परेशानी हो रही है.

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