डेली मेल ने फ्रंट पेज पर छापी यूके की PM व स्कॉटलैंड की नेता के टांगों की फोटो, छिड़ा विवाद

Daily Mail

लाइव सिटीज डेस्क : ब्रिटेन के एक न्यूज़पेपर डेली मेल के फ्रंट पेज पर एक ऐसी तस्वीर छपी है जो कि लोगों के बीच चर्चा का विषय बन चुका है. इस तस्वीर पर लोगो ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. दरअसल मंगलवार को डेली मेल ने अपने फ्रंट पेज पर यूके की प्रधानमंत्री टेरिजा मे और स्कॉटलैंड की स्कॉटिश नैशनल पार्टी की नेता निकोला स्टर्जन के पैरों की तुलना की है. तुलना के लिए जिस तस्वीर का प्रयोग किया गया है वह एक कार्यक्रम के दौरान ली गई, जब टेरिजा और निकोला ब्रेग्जिट के मुद्दे पर चर्चा कर रहीं थी. इस विवाद की शिकायत एक युवा महिला नेता अमेलिया वोमैक ने प्रेस स्टैण्डर्ड आर्गेनाईजेशन से इसकी शिकायत की है. डेली मेल के संपादक को अमेलिया ने माफी मांगने को भी कहा है.  
बता दें कि ब्रेग्जिट पर चर्चा के दौरान दोनों नेताओं में कई मुद्दों पर बहस छिड़ गई. दोनी के विचारों में मतभेद देखने को मिले. कई बार स्वतंत्र जनमत संग्रह की वकालत भी की गई. वहीं, डेली मेल ने अपनी खबर में इस चर्चा को ‘बैटल ऑफ लेग’ करार देते हुए उनके आउटफिट्स पर फोकस किया. डेली मेल ने इस खबर को हेडिंग दी है- “Never mind Brexit, who won Legs-it!”  ब्रेग्जिट की परवाह छोड़ो, यह सोचो कि लेग्जिट कौन जीतता है‘ 

टैब्लॉइड के फ्रंट पेज पर छपी खबर एडिटर ने दोनों फीमेल लीडर्स के कपड़ों की तुलना करते हुए कई आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया. खबर में कहा गया ‘बॉक्सी नेवी ब्लेज़र, घुटनों तक टिकी स्कर्ट, शाइनी न्यूड टाइट्स और पॉइंटी शू- दुनिया भर में एक खास उम्र में करियर को गंभीरता से लेने वाली महिलाओं द्वारा अपनाया जाने वाला पहनावा.’ कॉलमिस्ट सारा विन ने खबर में इस बात पर जोर दिया कि ‘दोनों महिलाएं चर्चा के दौरान अपने लुक्स के आधार पर भी मैदान जीतना चाहती थीं.’ 

डेली मेल की इस ‘अपमानजनक’ हेडिंग की सोशल मीडिया पर भी जमकर आलोचना हो रही है. आलोचना करने वालों में आम नागरिकों के साथ ही ब्रिटेन के सांसद भी शामिल हैं. लेबर सांसद वेटे कूपर ने लिखा, ‘दो महिलाओं के फैसले यह तय करेंगे कि यूनाइटेड किंगडम रहेगा या नहीं और फ्रंट पेज की खबर उनके निचले अंगों पर अटकी है.” पूर्व ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्‍लेयर के डॉक्‍टर एलियस्‍टर कैम्‍पबेल ने अखबार को ‘घटिया’ बताते हुए लोगों से अपील की कि उन्‍हें जहां कई अखबार की कॉपी मिले, उसे फाड़ दें. कई लोगों ने कहा कि जहां महिलाओं को इज्जत मिलनी चाहिए वह इस अखबार ने टांगों और कपड़ो के बारे में लिख कर महिलाओं की क्षमता पर सवाल उठा कर उनकी बेज्जती की है. यह महिलाओं का अपमान है. इसके लिए डेली मेल के संपादक को माफ़ी मांगनी चाहिए.

यह भी पढ़ें-  टूटी सदियों पुरानी परम्परा, जब विधवा महिलाओं ने खेली होली

टूटी सदियों पुरानी परम्परा, जब विधवा महिलाओं ने खेली होली

Women Day : नीतीश का महिलाओं को एक और तोहफा

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*