UP के DGP अभी बने रहेंगे जावेद अहमद !

नई दिल्ली : पावर कॉरिडोर से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) सैयद जावेद अहमद को लेकर बड़ी खबर आ रही है . जानकारी के मुताबिक यह तय हो गया है कि जावेद अहमद अभी अपने पद पर बने रहेंगे . केंद्रीय नेतृत्व से मशविरे के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसके लिए सहमत हो गए हैं . हां, लखनऊ के पुलिस हेडक्वार्टर में भाजपा और मुख्यमंत्री की पसंद के कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बैठाये जायेंगे, ताकि निर्णयों का कार्यान्वयन तेजी से हो .

पावर कॉरिडोर के अंदरखाने की जानकारी रखने वालों ने बताया कि सत्ता के शीर्ष में इस बात की एनालिसिस हुई कि DGP पद से जावेद अहमद को हटाने का गलत संदेशा देश भर में जाएगा . विपक्ष मुद्दा बनाएगा . यह अभी के घटनाक्रम में ठीक नहीं है . जावेद अहमद 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं . काम का बहुत लंबा तजुर्बा है . 1 जनवरी 2016 को उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यूपी का डीजीपी बनाया था . इसके पहले वे रेल पुलिस के चीफ थे और उसके भी पहले सीबीआई में थे .  

सत्ता शीर्ष ने एनालिसिस में यह भी पाया कि यूपी में सत्ता परिवर्तन के बाद डीजीपी जावेद अहमद ने ऐसा कुछ नहीं किया,जिससे लगे कि वे वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ चलने को न इच्छुक हों . भाजपा सरकार के लिए तो यह और भी बेहतर है कि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ यूपी का ऑपरेशन जावेद अहमद के नेतृत्व की पुलिस ही करे . सरकार जावेद अहमद को हटाकर किसी हिन्दू को तुरंत डीजीपी बना देती तो इस कार्रवाई में और भी ज्यादा विवाद होता .

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सहूलियत के लिए केंद्र कुछ आईपीएस अधिकारियों को वापस यूपी भेज रहा है . ऐसे अधिकारी प्रायोरिटी में हैं,जो समाजवादी पार्टी की सरकार में परेशान होकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर दिल्ली आ गए थे . मायावती से तकलीफ में रहने वाले पुलिस अधिकारी भी बेहतर पोस्टिंग पाएंगे . योगी आदित्यनाथ शपथ ग्रहण के दिन से ही कानून-व्यवस्था की बात कर गुंडों के नाश की बात कर रहे हैं .
आपको बताते चलें कि योगी के शपथ ग्रहण के दिन से ही सोशल मीडिया में यह वायरल कर दिया गया था कि डीजीपी जावेद अहमद को हटा दिया गया है . उनके स्थान पर आर के मिश्रा नए डीजीपी बना दिए गए हैं . मिश्रा बिहार के रहने वाले यूपी कैडर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हैं . बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व की गुड-लिस्ट में भी सदैव शामिल रहे हैं . खबर इतनी वायरल हो गई थी कि यूपी सरकार को कई माध्यमों से कहना पड़ा कि अभी कोई निर्णय नहीं हुआ है . वैसे पावर कॉरिडोर के जानकार यह भी बताते हैं कि जब कभी डीजीपी को चेंज करने की बात होगी,नए डीजीपी के रुप में आर के मिश्रा की चर्चा जरूर होगी .

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