रेणु के गांव में सम्मानित हुए रवीश, नीतीश के बाद ‘लोकरत्न सम्मान’ पानेवाले दूसरे व्यक्ति

लाइव सिटीज डेस्क/अररिया : पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके पत्रकार रवीश कुमार को शनिवार को ‘लोकरत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया. उन्हें यह सम्मान प्रसिद्ध कथाकार फणीश्वर नाथ रेणु के गांव औराही हिंगना में दिया गया.  फणीश्वर नाथ रेणु समाज सेवा संस्थान द्वारा आरंभ इस पुरस्कार के तहत रवीश कुमार को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिह्न् प्रदान किया गया.

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फोटो साभार : गिरीन्द्र झा

सम्मान समारोह के दौरान रवीश ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान राजनीति में संचार माध्यमों का दुरुपयाेग हो रहा है. उन्होंने कहा कि गांव को उससे बचना चाहिए. इस मौके पर रवीश ने रेणु की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने साहित्य में समान जनजीवन के अंकन पर जोर डाला. रवीश ने जनजुड़ाव से जुड़े लेखन के लिए रेणु को याद किया.

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इससे पहले समारोह में शामिल होने अररिया पहुंचे रवीश कुमार का गर्मजोशी से स्वागत भी हुआ. उनसे मिलने और उनके साथ सेल्फी लेने के लिए भी मौजूद लोगों में काफी उत्सुकता देखी गयी. हालांकि रवीश पहले कई मौकों पर कह चुके हैं कि कोई उनके साथ तस्वीर खिंचवाने कि जिद ना करे. इससे वो असहज महसूस करते हैं.

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बता दें कि साल 2016 में प्रथम ‘लोकरत्न सम्मान’ बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया गया था. लोकरत्न सम्मान’ फणीश्वर नाथ रेणु के परिवार की तरफ़ से दिया जाता है.  कार्यक्रम में रवीश के साथ ही 11 अन्य लोगों को भी ‘रेणु स्मृति’ सम्मान दिया गया.

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बीते दिनों पुरस्कार के लिए रवीश कुमार के नाम का एलान होने के बाद फणीश्वर नाथ रेणु समाज सेवा संस्थान के संरक्षक और रेणु के पुत्र पद्मपराग राय वेणु ने कहा था कि पत्रकारिता जगत में रवीश कुमार ने अपनी पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि रेणु जी के रिपोतार्ज की तरह रवीश भी बेबाक अंदाज में अपनी बात रखते हैं. वहीँ संस्थान के सचिव दक्षिणेश्वर राय ने रवीश कि तारीफ़ करते हुए कहा था कि वो देश के संजीदा पत्रकारों में एक हैं.

आंचलिक उपन्यासकार के नाम से मशहूर ‘मैला आंचल’, ‘परती परिकथा’ जैसी महान कृतियों के लेखक फणीश्वरनाथ रेणु ने अपनी कहानियों, उपन्यासों में ऐसे पात्रों को गढ़ा, जिनमें एक दुर्दम्य जिजीविषा देखने को मिलती है, जो गरीबी, अभाव, भूखमरी, प्राकृतिक आपदाओं से जूझते हुए मरते भी हैं, पर हार नहीं मानते. गौरतलब है कि राजकमल प्रकाशन से रवीश कुमार की किताब भी आ चुकी है. वह लघु प्रेम कथा श्रृंखला की पहली किताब ‘इश्क में शहर होना’ के लेखक भी हैं.

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