‘छोटी’ और ‘नाटी’ कहने के कारण क्या कल्पना ने लगा ली फांसी? पढ़िए पूरी कहानी…

पटना : वो पढ़ने में बहुत अच्छी थी. मेडिकल की परीक्षा पास कर नर्सिंग में दाखिला लिया. नर्सिंग की पढ़ाई के पहले साल ही अपने बाकी क्लासमेट्स पर पढाई के मामले में भारी पड़ने लगी. पढ़ाई में अच्छी होने के कारण लेक्चरर्स और डॉक्टरों की चहेती भी थी. फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कल्पना के साथ कि पढ़ाई खत्म करने के बाद फांसी के फंदे से झूलती मिली. कहीं ऐसा तो नहीं कि घर वाले उसे ‘छोटी’ और ‘नाटी’ कह कर बुलाते थे, इसीलिए उसके मन में हीन भावना घर कर गई और उसने तनाव में आकर ऐसा कदम उठा लिया. अस्पताल प्रबंधन ये साफ कहता है कि घर वाले उसे हमेशा यही कहकर बुलाते थे.

कुर्जी होली फैमिली हॉस्पीटल के नर्सिंग की छात्रा कल्पना कुमारी का शव गुरुवार की सुबह उसके क्लासरूम में लटकता मिला. शव मिलने से पूरे अस्पताल परिसर में सनसनी मच गई. साथी छात्राओं के मुताबिक कल्पना उन्हीं के साथ हॉस्टल के थर्ड फ्लोर वाले अपने कमरे में रात के साढ़े नौ बजे तक पढ़ी थी. एक कमरे में छह लड़कियों के रहने की व्यवस्था थी. देर रात पढ़ने के लिए वो क्लासरूम में चली गई.

इसके बाद गुरुवार की सुबह जब एक छात्रा क्लासरूम में दाखिल हुई तो उसने फंदे से लटकते कल्पना के शव को देखा. शव को देख वो चिल्ला पड़ी. चीख सुनकर बाकी लड़कियां भी आ गईं. प्रिंसिपल और अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को इसकी सूचना दी गई. थोड़ी ही देर में पाटलिपुत्र थाना भी आ पहुंचा. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. कॉलेज प्रशासन और अन्य छात्राओं से पूछताछ कर पुलिस चली गई. लेकिन घटना के काफी देर बाद तक भी हॉस्टल और अस्पताल परिसर में ये चर्चा का विषय बना रहा.

नर्सिंग की छात्राएं फोन भी नहीं रखतीं आपने पास, चार को जाने वाली थी घर

अस्पताल के सीनियर एचआर मैनेजर एम जमां के मुताबिक हॉस्टल में रहने वाली सभी नर्सिंग छात्राओं का मोबाइल फोन जमा कर लिया जाता है. केवल शनिवार को ही थोड़ी देर उन्हें बात करने दिया जाता था. यदि इमरजेन्सी जैसे हालात रहे तो अस्पताल प्रबंधन या वार्डेन से परमिशन लेकर लैंडलाइन फोन से कॉल कर सकती हैं. यही नहीं, छात्राओं को कैंपस से बाहर निकलने की इजाजत भी नहीं है. यदि कोई निजी काम पड़ा तो वार्डेन से परमिशन लेकर कुर्जी मोड़ तक जाने की इजाजत मिलती है.

एम जमां के अनुसार कल्पना ने अपने घरवालों से पिछले शनिवार को ही बात की होगी. क्योंकि तभी फोन दिया गया था. आगामी चार दिसंबर को जाड़े की छुट्टियों में उसे घर भी जाना था. आपको बता दें कि कल्पना का परिवार गर्दनीबाग में ही रहता है.

घर वाले लगा रहे हत्या का आरोप

बेटी की मौत की सूचना पाकर असपताल पहुंचे परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है. उनका कहना है अस्पताल के किसी स्टाफ द्वारा ही उसे मारा गया है. पुलिस अस्पताल प्रबंधन से बातचीत कर रही है. काफी देर तक परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा भी किया. बाद में पुलिस के समझाने पर शांत हुए. पिता कमलेश हसन का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन के किसी स्टाफ द्वारा उनकी बेटी को प्रताड़ित किया जा रहा था, जिसके कारण उसने ऐसा कदम उठाया. ऐसा भी हो सकता है कि बेटी को मारकर फंदे से लटका दिया गया था.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा राज- हत्या या आत्महत्या

पुलिस का कहना है कि अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि ये हत्या है या आत्महत्या. मामले की जांच जारी है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो पाएगा. पोस्टमार्टम के बाद कल्पना के शव को परिजनों को सौंप दिया गया.⁠⁠⁠⁠

यह भी पढ़ें :

कुर्जी अस्पताल में नर्सिंग की छात्रा की मौत

सेंट जेवियर की छात्रा से दुर्व्यवहार मामले में आरोपी छात्र का सरेंडर

NMCH में बढ़ रही निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या, डॉक्टर से जानें लक्षण और उपचार

About Abhishek Anand 140 Articles
Abhishek Anand

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*