मजदूरी बढ़ाने को लेकर मनरेगा मजदूरों का हंगामा

लाइवसिटीज डेस्क/पटना/मोकामा : महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी की मांग को लेकर मनरेगा के मजदूरों ने हंगामा किया. हंगामा करने वाले मजदूर अपनी मजदूरी में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे. मोकामा प्रखंड के मरांची उत्तरी पंचायत की ग्रामसभा में मनरेगा मजदूरों ने जमकर हंगामा किया. मरांची उत्तरी पंचायत के मुखिया रामकुमार सिंह की अध्यक्षता में ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई थी. ग्रामसभा का संचालन ग्राम सेवक हेमचंद्र दास कर रहे थे. विकास योजनाओं के चयन के लिए और स्वीकृति प्रदान करने के लिए बुलाई गई ग्रामसभा में काफी संख्या में मनरेगा मजदूर भी जुटे थे और ग्राम सभा के दौरान ही मनरेगा मजदूरों ने बवाल काटा.

मनरेगा मजदूरों की मांग थी कि उनको मिलने वाली मजदूरी में बढ़ोतरी की जाए मनरेगा मजदूरों ने बताया कि अकुशल मजदूरी से काफी कम मजदूरी उनको दी जाती है जबकि दी जाने वाली मजदूरी के एवज में काफी कड़ा काम लिया जाता है. मुखिया रामकुमार सिंह ने मनरेगा मजदूर के हंगामे की पुष्टि की और कहा कि जब तक इसमें सरकारी दिशा निर्देश प्राप्त नहीं हो जाता है तब तक मनरेगा मजदूरों की मजदूरी नहीं बढ़ाई जा सकती है.

गौरतलब है कि मनरेगा के तहत काम करने वाले मजदूरों को 177 रूपए प्रतिदिन बतौर मजदूरी मिलती है. महिला और पुरुष मजदूरों को सामान मजदूरी दी जाती है. मजदूरी के विपरीत उनसे लिया जाने वाला काम भी काफी कठिन होता है. मजदूरों ने बताया कि पुरुष मजदूरों को 177 रूपए प्रतिदिन की मजदूरी में 80-80 मन यानी 300 क्विंटल से अधिक मिट्टी काटनी होती है जबकि महिला मजदूरों को साठ मन यानी 24 क्विंटल मिट्टी करनी पड़ती है. मनरेगा मजदूरों ने बताया कि यदि उनकी मजदूरी में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी तो वे लोग मनरेगा की योजनाओं में काम नहीं करेंगे.

मुखिया राम कुमार सिंह ने मजदूरों की मांगों के प्रति सहानुभूति और समर्थन जताया लेकिन उनकी मांगों को पूरा करने में अपनी लाचारी भी जताई. ग्रामसभा में मरांची उत्तरी पंचायत के लिए 201 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. मरांची उत्तरी पंचायत के 10 वार्डों में वार्ड सभाओं के जरिए योजनाओं का चयन किया गया था और ग्राम सभा में योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई और विस्तृत चर्चा के उपरांत 201 योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई. चयनित योजनाओं को वित्तीय वर्ष 2017 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. मुखिया रामकुमार सिंह और ग्रामसेवक हेमचंद्र दास ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की मांगों को अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा. 

 

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