पटना में कॉलेज के प्राचार्य को निगरानी ने किया गिरफ़्तार

छपरा/पटना : अनुदान राशि के वितरण में की गयी गड़बड़ी के मामले में लोक महाविद्यालय हाफिजपुर के प्राचार्य प्रो. योगेन्द्र पांडेय को गुरुवार को निगरानी की टीम ने पटना में गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद प्राचार्य को पुलिस अभिरक्षा में मुजफ्फरपुर स्थित निगरानी कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया.

 

प्राचार्य के खिलाफ निगरानी के डीएसपी नागेन्द्र कुमार सिंह ने पूर्व में एफआईआर दर्ज करायी थी, जिसके आधार पर उनकी गिरफ्तारी की गयी. सृजित पद पर बहाल लोगों के अलावा भी मिला अनुदानलोक महाविद्यालय हाफिजपुर में सृजित पद पर बहाल किये गये लोगों के अलावा अन्य भी अनुदान का लाभ पा गये. अनुदान का लाभ पाये जाने का यह मामला कोर्ट में पहुंचा और निगरानी को इसकी जांच की जिम्मेदारी सौंपी गयी. निगरानी ने इस मामले में जांच के बाद प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज करायी. इसी आलोक में प्राचार्य को पूछताछ के लिए बुलाया गया और गिरफ्तार कर लिया गया.

विधानसभा चुनाव में भी दांव आजमा चुके हैं प्राचार्य

प्राचार्य शिक्षा जगत के अलावा राजनीति से भी सारोकार रखते हैं. दो-दो बार विधानसभा चुनाव के अखाड़े में कूद चुके हैं. बनियापुर विधान सभा क्षेत्र से 1995 में बतौर निर्दलीय और 2005 में इसी विधानसभा क्षेत्र से जदयू के टिकट पर उम्मीदवार बने. 2008 में कॉलेज के शासी निकाय ने उन्हें प्राचार्य पद की कमान सौंपी.

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इधर गुरुवार को निगरानी डीएसपी ने पटना स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया और कहा कि काफी दबाव है. निगरानी को सहयोग कीजिये. कई बिंदुओं पर प्राचार्य ने निगरानी को संतोष जनक जवाब दिया. इसके बाद डीएसपी ने एसपी से बात की और फिर प्राचार्य से कहा कि आपकी गिरफ्तारी कर ली गयी है. नाटकीय तरीके से प्राचार्य की गिरफ्तारी को सुनकर उनके साथ पटना गये कॉलेज के अन्य शिक्षक व कर्मचारी भी हतप्रभ रह गये.

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