‘दवा दुकान नहीं खुलवाया तो मार दिया बेटी को’

पटना : तीन साल पहले बेटी की शादी की थी. दो महीने बाद ही दामाद और उनके बड़े भाई दवा दुकान खुलवाने की मांग करने लगे. शादी के बाद पैसा कहां बचा था जो दवा दुकान खुलवा देते. बोले थे कि थोड़ा समय दीजिए दवा दुकान खुलवाने मे जितना हो सके मदद करेंगे. मगर वो नहीं सुने. मेरी बेटी पर जुल्म किया. पिछले एक सालों से उसे प्रताड़ित कर रहे थे. और आखिरकार मेरी गुड़िया को मार ही दिया. ये एक पिता का शास्त्री नगर थाने के समक्ष दिया गया फर्द बयान है.

हनुमान नगर डॉ पीके सिंह ने अपनी बेटी रानी देवी की पारस अस्पताल में मौत के बाद ससुराल वालों पर दहेज की मांग और प्रताड़ना के बाद जान से मारने का इल्जाम लगाया है. आपको बता दें कि डा पी के सिंह बेटी रानी देवी की सोमवार को पारस अस्पताल में मौत हो गई थी. डा सिंह ने दामाद नीलेश कुमार और उसके भाई के खिलाफ रानी देवी को घरेलू प्रताड़ना के बाद जान से मारने का मामला दर्ज कराया है. शास्त्री नगर पुलिस ने सिंह के फर्द बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. दोनो नामजद आरोपी फिलहाल फरार है. पुलिस मामले की जांच और छापेमारी में जुटी है.

दवा दुकान खुलवाने की कर रहे थे मांग
डा सिंह ने बताया कि शादी के दो साल बाद दामाद नीलेश कुमार ने पहले तो उनकी बेटी रानी देवी से अपने पिता को बोलकर दवा दुकान खुलवाने की मांग की. बाद में उन्हें भी अपने घर बुलाकर दवा दुकान खुलवाने को कहा. सिंह का कहना है कि नीलेश के भाई रत्नेश कुमार और उनकी पत्नी ने भी मिलकर दबाव डाला. हाथ खाली होने की बात कहते हुए जब उन्होंने कहा कि थोड़ा समय दीजिए तो वर पक्ष की ओर से ये धमकी दी गई कि बेटी को घर से भगा देंगे.

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बाद में करने लगे थे मकान की मांग
सिंह के फर्द बयान के अनुसार करीब एक साल तक बेटी को प्रताड़ित किया गया. कुछ ही दिनों पहले दामाद ने फिर से घर बुलाया था. इस बार हनुमान नगर स्थित मकान उनके नाम पर लिखने के लिए कहने लगे. डा सिंह ने तीन भाइयों की साझेदारी की बात करते हुए कहा कि वो ऐसा नहीं कर सकते हैं. इसके बाद फिर से प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया.

खबर मिली पारस अस्पताल में भर्ती है बेटी
डा सिंह के पास दामाद नीलेश कुमार का सोमवार की दोपहर में फोन आया था कि बेटी को दिल का दौरा पड़ने के कारण पारस अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वो भागे-भागे अस्पताल पहुंचे जहां पता चला कि हार्ट अटैक गंभीर था इसीलिए बेटी की मौत भी हो गई है. सिंह ने इसके बाद शास्त्री नगर थाने को इसकी सूचना दी. मृतिका का शव पुलिस ने जब्त कर पोस्टमार्टम कराने के लिए भेज दिया. पुलिस के अस्पताल पहुंचने तक दामाद और भैसुर और उनकी पत्नी फरार हो चुके थे.


विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही होगा मौत का खुलासा

शेखपुरा के कृष्ण मुरारी सिंह के दोनों आरोपी बेटे फिलहाल फरार हैं. पुलिस घर वालों से पूछताछ कर रही है. शास्त्रीनगर थाने का कहना है कि फर्द बयान के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के तहत नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. मौत के असली कारणों का खुलासा विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. इस संबंध में पारस अस्पताल प्रबंधन से भी पूछताछ की गई है.

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