निखिल प्रियदर्शी ने स्‍टेट बैंक का भी हड़प रखा है 46 करोड़ रुपया

पटना : कांग्रेस के पूर्व मंत्री की बेटी प्रिया (बदला नाम) के साथ यौन शोषण करने के मामले में बेऊर जेल में बंद आटोमोबाइल कारोबारी निखिल प्रियदर्शी ने भाई मनीष प्रियदर्शी संग मिलकर स्‍टेट बैंक आफ इंडिया का भी 46 करोड़ से अधिक रुपया हड़प रखा है . मनीष प्रियदर्शी साथ में जेल में है . वसूली की बैंक की सारी कोशिशें अब तक बेकार गई हैं . बैंक अब आगे की कार्रवाई को प्‍लान कर रहा है . मालूम हो कि मार्च महीने में पंजाब नेशनल बैंक ने चार करोड़ की कैश क्रेडिट लिमिट को हड़प जाने के मामले में निखिल प्रियदर्शी व अन्‍य के खिलाफ सीबीआई में प्राथमिकी दर्ज कराई है . सीबीआई की रांची यूनिट ने अपना अनुसंधान भी शुरु कर दिया है . 

स्‍टेट बैंक के सूत्रों के मुताबिक निखिल प्रियदर्शी ने प्रियदर्शी मोटर्स प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्‍टर और मनीष प्रियदर्शी ने प्रियदर्शी पूर्णानंद आटोमोबाइल प्रा. लि. के मैनेजिंग डायरेक्‍टर की हैसियत से स्‍टेट बैंक के डाकबंगला रोड,पटना ब्रांच को लोन के लिए एप्रोच किया . स्‍टेट बैंक ने 43 करोड़ 27 लाख 48 हजार 878 रुपये की कैश क्रेडिट फैसिलिटी दी . साथ में, 3 करोड़ 26 लाख 17 हजार 42 रुपये का स्‍टैंड बाय लाइन आफ क्रेडिट (एसएलसी) भी . बैंक ने यह स्‍वीकृति 27 सितंबर 2014 को प्रदान की थी . 

स्‍वीकृति के साथ ही निखिल संग मनीष ने स्‍टेट बैंक के कुल 46 करोड़ 53 लाख 65 हजार 921 रुपये का यूज अपने कारोबार/काम में कर लिया . लेकिन बैंक को उधार वापसी कुछ ही महीनों में बंद कर दी . स्‍टेट बैंक ने लोन को डूबता देख खाते को एनपीए घोषित कर दिया . दोनों भाई बैंक अधिकारियों को रिस्‍पांड करना छोड़ दिए .

इसके बाद बैंक ने SARFAESI एक्‍ट के सेक्‍शन 13 (4) के तहत पहले 16 मई 2015 और साल भर बाद फिर से 18 मई 2016 को लोन चुकता के लिए निखिल प्रियदर्शी और मनीष प्रियदर्शी को नोटिस भेजी . लेकिन दोनों भाई ये कहकर कि नोटिस मिली ही नहीं,स्‍टेट बैंक को जवाब देने से बचते रहे . कार्रवाई को जब बैंक और आगे बढ़ी,तो स्‍टेट बैंक के एक्‍शन को दोनों भाइयों ने कोर्ट में चुनौती दे दी . बैंक ने नोटिस डिलेवर होने का पोस्‍टल डिपार्टमेंट का सर्टिफिकेट दिखाया .  

आगे की कार्रवाई की तैयारी में लगे स्‍टेट बैंक की टीम के सूत्रों ने कहा कि यौन शोषण के केस में फंसे होने के बाद जब निखिल प्रियदर्शी भागा चल रहा था,तभी पटना हाई कोर्ट में जस्टिस शिवाजी पांडेय की अदालत में मामले की सुनवाई हुई . कोर्ट ने 6 फरवरी को 45 दिनों की मोहलत दी . बैंक ने पाया है कि इस अवधि में भी कोई ऐसा रास्‍ता नहीं निकला,जिससे 46 करोड़ से अधिक के बकाये का भुगतान बैंक को प्राप्‍त हो . कोर्ट ने इसके बाद बैंक को आगे की कार्रवाई नियमानुकूल करने को आजादी दी थी . 

स्‍टेट बैंक करा सकता है सीबीआई में मुकदमा

मार्च 2017 में पंजाब नेशनल बैक ने निखिल प्रियदर्शी व अन्‍य के खिलाफ 4 करोड़ की धोखाधड़ी का सीबीआई में मुकदमा दर्ज कराया . बैंक ने पाया कि लोन तो हड़प ही लिया गया,जो जमीन गिरवी रखी गई थी,उसके कागजात इस तरह जाली थे कि वह जमीन और किसी की है . स्‍टेट बैंक इसके बाद निखिल प्रियदर्शी व मनीष प्रियदर्शी द्वारा जमा सभी दस्‍तावेज की प्रामाणिकता को जांचने में लगा है . गलत लाभ पहुंचाने के लिए अंदरखाने में स्‍टेट बैंक के कई अधिकारियों के भी नाम लिए जा रहे हैं . जमानतदारों की पहचान और उनकी संपत्ति की जानकारी पुख्‍ता की जा रही है .

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