कोख से लेकर जीवन तक के रंग दिखे कैनवस पर 

पटना : कोख से लेकर जीवन तक के रंग कैनवस पर दिखे. कलाकारों ने कैनवस पर जिंदगी की यात्रा के तरह-तरह के रंगों को उकेरने का काम किया. हर पेंटिंग में समाज से जुड़े सार्थक मैसेज देने का काम किया गया है. और हां, यह सब देखने को मिल रहा है फ्रेजर रोड में स्थित ललित कला अकादमी में.
पांच चित्रकारों की लगी हैं पेंटिंग्स 
25 दिसंबर तक चलने वाली इस एक्जिबिशन में पांच कलाकारों की पेंटिंग्स रखी गयी हैं. कलाकारों में अर्चना कुमार, राणा रहमान, संगीता कुमारी, स्मिता व वीएन बरियार शामिल हैं. यहां लगी हर पेंटिंग में कलाकारों ने सृजन के नये आयाम गढ़े हैं. सृजनशीलता से कलाकारों की मनोस्थिति को समझा जा सकता है. पेंटिंग्स में पहाड़-पतझड़ से लेकर फूल-पत्ती तक को बखूबी उकेरा गया है.
कला हमारे जीवन का अभिन्न अंग 
प्रदर्शनी में मौजूद चित्रकार अर्चना कुमार ने गुरुवार को लाइव सिटीज को बताया कि कला हमारे जीवन का अभिन्न अंग है. मेरे लिए कला इमोशन फूलफिलमेंट है. वे बताती हैं कि शुरुआती दौर में मैंने प्रकृति, फूल, पक्षी, नदी तक पर अपनी कूची को चलाने का काम किया. समय के साथ पेंटिंग का विषय भी बदलता गया. अब कैनवस पर जिंदगी के उतार-चढ़ाव, सोशल प्रॉब्लम, ज्वलंत मुद्दे भी उतरने लगे हैं. मौके पर मौजूद चित्रकार संगीता कुमारी बताती हैं कि मेरी पेंटिंग में सोशल प्रॉब्लम के साथ महिला सशक्तीकरण को उठाया गया है. एक पेंटिंग में गर्भस्थ शिशु का दिखाया गया है और इससे यह मैसेज दिया गया है कि लोग भ्रूण हत्या न करें. बेटियां किसी से कमजोर नहीं होती हैं.
कला मंत्री ने भी की प्रशंसा 
20 दिसंबर से 25 दिसंबर तक चलनेवाले इस एग्जिबिशन का अवलोकन बिहार के कला मंत्री शिवचंद्र राम ने पिछले दिनों किया. उन्होंने पेंटिंग्स की काफी प्रशंसा की. इनके अलावा ललित कला अकादमी के अध्यक्ष एपी बादल ने भी पेंटिंग्स एग्जिबिशन को कलाकारों की सराहनीय पहल बताया. बादल ने कहा कि हर चित्र सार्थक मैसेज दे रहा है. प्रदर्शनी देखने आयी रूपम ने भी बताया कि कलाकारों की सृजनशीलता की जितनी प्रशंसा की जाये, वह कम ही होगी. कई चित्रों में तो समाज का दर्द छिपा है. वहीं कई चित्र खुशहाली के मैसेज दे रहे हैं.

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