बेउर जेल में शुरू हुआ ‘आधार’ बनना, अब पहचान नहीं छुपा सकेंगे अपराधी

पटना (अजित) : पटना के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन के स्तर से वैसे कैदी जिनका आधार नंबर नहीं है, उनका आधार कार्ड बनवाया जायेगा. शनिवार को संजय कुमार अग्रवाल ने केन्द्रीय कारा, बेउर में आधार शिविर का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों को बताया कि बेउर के साथ-साथ जिला के अन्य कारा में भी बंदियों का आधार कार्ड बनाने हेतु शिविर लगाया जायेगा. दो माह के अंदर सभी बंदियो का आधार नंबर बन जायेगा.

जिलाधिकारी ने बताया कि कई बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जब अपराधी एक थाना क्षेत्र में अपराध करने के बाद किसी अन्य थाना से एनओसी प्राप्त कर लेते हैं. कैदियों के लिए आधार कार्ड की अनिवार्यता के उपरांत किसी भी अपराधी के लिए एक थाना में अपराध कर दूसरे थाना से एनओसी प्राप्त करना संभव नहीं हो सकेगा.

उन्होने कहा कि आधार नंबर यूनिक होता है और अगर कैदी चाहे भी तो अपना नाम बदल कर या गलत आधार नंबर बताकर भी अपनी पहचान नहीं छुपा सकता. कारा परिसर में आधार कार्ड बनाने की मशीन के साथ-साथ आधार आइडेंटिफिकेशन मशीन भी लगायी गयी है.

जिलाधिकारी ने अपने हाथों से आधार स्लिप कैदियों के बीच वितरित किया. जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में केन्द्रीय कारा बेउर में संसिमित बंदियों में से 1000 लोगों ने अपना आधार नंबर दिया है तथा लगभग 1500 कैदियों ने बताया कि उनका आधार नंबर है लेकिन फिलहाल उनके पास नहीं है. ऐसे कैदियों के परिजनों के माध्यम से उनका आधार नंबर मंगवाने का प्रयास किया जा रहा है.

इस मामले में लगभग 500 कैदियों द्वारा बताया गया कि उनके पास आधार कार्ड नहीं है. ऐसे कैदियों का आधार कार्ड शिविर में बनवाया जायेगा और 10 दिनों के अंदर सभी कैदियों का आधार नंबर जेनरेट कर उसे अंकित करने का लक्ष्य रखा गया है.

DM ने वार्डों का किया निरीक्षण

इस बीच जिलाधिकारी ने बेउर जेल में बीते दिनों हुई कैदियों की आत्महत्याओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली और कहा कि कैदी आत्महत्या की जांच हो रही है. शुक्रवार को राष्ट्रीय महिला आयोग के दल द्वारा केन्द्रीय कारा के संबंध में उठाये गये बिन्दुओं के संबंध में विस्तृत जानकारी लेते हुये कहा कि कैदियों को हर तरह की सुविधा मिलेगी. उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को बराबर औचक निरीक्षण करने का निर्देश भी दिया.

संजय अग्रवाल ने जेल के अंदर मोबाईल अथवा अन्य किसी आपत्तिजनक सामान मिलने पर काराकर्मी पर भी कार्रवाई की बात कही. काराधीक्षक को CCTV के माध्यम से कैदियों पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. न्यायालय में पेशी के बाद जेल लौटने वाले बंदियों की सघन जांच करने को कहा.

इस मौके पर नगर पुलिस अधीक्षक पश्चिम रविन्द्र कुमार, उप विकास आयुक्त अमरेन्द्र कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर, आलोक कुमार सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे. इससे पूर्व जिलाधिकारी का स्वागत कारा अधीक्षक रूपक कुमार ने किया और जेल अधिकारी ए के सिन्हा ने उन्हें ‘गार्ड आॅफ ऑनर’ दिया.

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