हाईकोर्ट : नियुक्ति व वित्तीय अनियमितता पर मगध विवि से जवाब-तलब

patna-high-court

पटना (एहतेशाम) : मगध विश्वविद्यालय में प्रावधानों के विपरीत दो उच्चाधिकारियें की नियुक्ति एवं वित्तीय अनियमितता से नाराज पटना उच्च न्यायालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन से चार सप्ताह में जवाब देने का निर्देश दिया. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने नागरिक अधिकार मंच की ओर से दायर लोकहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते
हुए उक्त निर्देश दिया.

मामले में याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय में नियमों और प्रावधानों के विपरीत दो उच्चाधिकारियों की नियुक्ति कर दी गयी है. अदालत को यह भी बताया गया कि मगध विश्वविद्यालय में वर्षों से वित्तीय अनियमितता बरती जा रही है. परंतु शिकायत किये जाने के बावजूद आज तक इसकी सही तरीके से जांच नहीं की गयी है.

प्राइवेट इंजीनियरिंग काॅलेजों के मामले में आदेश सुरक्षित

प्राइवेट इंजीनियरिंग काॅलेजों द्वारा नियमों के विपरीत लिये गये नामांकन पर एकलपीठ द्वारा लगाये गये जुर्माने एवं फीस वापसी के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिका पर पटना उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने सुनवाई करते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खण्डपीठ ने नेताजी सुभाषचन्द्र बोस इंस्टीच्यूट एवं अन्य की ओर से दायर याचिका पर मंगलवार को सुनवाई पूरी करते हुए अपना आदेश सुरक्षित रख लिया.

patna-high-court

गौरतलब है कि सूबे के प्राइवेट इंजीनियंग काॅलेज के हजारों छात्रों को परीक्षा दिलाने से राज्य सरकार ने इस आधार पर इंकार कर दिया था कि इन काॅलेजों द्वारा छात्रों का नामांकन नियमों के विपरीत अंकों के आधार पर किया था. इसपर पटना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश चक्रधारीशरण सिंह की एकलपीठ ने इन संस्थानों को छात्रों को मुआवजे के साथ फीस वापसी का निर्णय दिया था. एकलपीठ ने के उसी निर्णय के विरूद्ध खण्डपीठ के समक्ष याचिका दायर की गयी थी.

विचाराधीन कैदियों की हुई मौतों को सक्षम फोरम के समक्ष रखने का निर्देश

वर्ष 2011 से अभी तक पुलिस हिरासत में विचाराधीन कैदियों की हुई मौत के मामले में दायर लोकहित याचिका पर किसी भी प्रकार का आदेश देने से पटना उच्च न्यायालय ने इंकार करते हुए मामले को सक्षम फोरम के समक्ष रखने का निर्देश याचिकाकर्ता को दिया है. मुख्य न्यायाधीश राजेन्द्र मेनन एवं न्यायाधीश सुधीर सिंह की खडपीठ ने तिलेश्वर सिंह की ओर से दायर लोकहित याचिका पर मंगलवार को सुनवाई करते हुए उक्त निर्देश दिया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*