50 लाख असली रुपये के दो करोड़ नकली देते थे, उसमें भी सादा पेपर देकर ठग लेते थे

लाइव सिटीज, पटना : ठगी का एक बड़ा खेल पटना में चल रहा था. नकली नोट का धंधा करने वालों को ठगा जा रहा था. असली नोट को ही नकली नोट बता झांसा दिया जाता था. फिर हाथ की सफाई कर शातिर ठग नोट से भरे बैग को बदल देते. फिर नकली नोट लेने की चाहत में आए लोग कागज के टुकड़े से भरे बैग को लेकर चले जाते थे. अपने ठिकाने पर पहुंचने के बाद लोगों को पता चलता था कि वो नकली नोट की जगह कागज का टुकड़ा लेकर आए हैं.

ठगी का ये धंधा सिर्फ पटना ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों के शहरों में भी फल—फुल रहा है. ठगी के इस पूरे मामले का शनिवार को पटना पु​लिस ने खुलासा किया. नकली नोट के नाम ठगी के धंधे में शामिल 5 शातिरों को गिरफ्तार किया गया. जिनमें मो. इब्राहिम, माधव प्रसाद, अमित कुमार उर्फ मुन्ना, विनय कुमार और मो. शहादत हुसैन शामिल हैं.

एसएसपी मनु महाराज के अनुसार मो. इब्राहिम रहने वाला तो बिहार के ही सीतामढ़ी जिले का है, लेकिन ये लंबे वक्त से दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहा है. ठगी के इस खेल का यही मास्टर माइंड है. जबकि विनय उत्तर प्रदेश के मउ जिले का रहने वाला है. इन शातिरों के पास से 500 और 100 रुपए के कुल सात बंडल नोट बरामद किए गए हैं.

इस तरह हुई कार्रवाई

एसएसपी मनु महाराज को सूचना मिली थी कि 50 लाख रुपए के असली नोट लेकर दो करोड़ रुपए का नकली नोट देने का धंधा चल रहा है. इस तरह का धंधा करने वाले कुछ धंधेबाज पटना में एक्टिव हैं. दूसरे राज्यों की पुलिस ने काफी सारे इनपुट पटना पुलिस के साथ शेयर की थी.

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने सिटी एसपी सेंट्रल अमरकेश दापीनेनी की अगुआई में टीम बनाई. डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डा. मो. शिब्ली नोमानी और कोतवाली थानेदार राम शंकर को टीम में शामिल किया गया. इंक्वायरी करते हुए पुलिस को पता चला कि शातिर ठगों का गैंग होटल गली स्थित मरीन होटल में ठहरा है.

एसएसपी के निर्देश पर कुछ पुलिस वाले कस्टमर बनकर गए. पुलिस वाले सिविल में थे. इसलिए उन्हें कोई पहचान नहीं सकता था. दिल्ली से आया इब्राहिम कस्टमर बनकर गए पुलिस वालों के हाथ लग गया. कुछ देर की बातचीत के बाद विश्वास होने पर इब्राहिम ने पुलिस वालों को 50 लाख रुपए में दो करोड़ के नकली नोट देने का आॅफर दे भी दिया. फिर होटल के अंदर गया. पुलिस के सामने दो करोड़ रुपए की गिनती भी करवा दी. जब सबूत हाथ आ गए तो पुलिस ने अपनी कार्रवाई कर दी. मौके से सभी को गिरफ्तार कर लिया.

करते थे हाथ की सफाई

ये ठग काफी शातिर हैं. इनके पास दो करोड़ रुपए तो होते नहीं थे. पुलिस के अनुसार इन शातिरों के पास महज 4 से 5 लाख रुपया ही कैश होता था. लेकिन नकली नोट खरीदने आए कस्टमर्स के सामने ये दो करोड़ रुपए गिनवा जरूर देते थे. दरअसल, शातिर ठग हाथ की सफाई करते थे. जो सामने बैठे कस्टमर्स को पता नहीं चलता था. 4 से 5 लाख रुपए को ही ये शातिर ठग 15 से 20 बार गिनते थे और उसे दो करोड़ बना देते थे.

कस्टमर के सामने ही असली नोट को नकली नोट बता बैग भर देते थे. फिर झांसा देकर एक ही तरह का दिखने वाला दूसरा बैग लाते थे. जिसमें नोट की जगह कागज के टुकड़ों का बंडल होता था. इन ठगों ने इस तरह के कारनामें को दूसरे राज्यों के शहरों में भी अंजाम दिया है.

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