छोटू सिंह के नेतृत्व में जदयू ने फूंका लालू प्रसाद का पुतला

पटना (नियाज आलम) :  महागठबंधन टूटने के बाद से ही राजद और जदयू आमने सामने है. दोनों ही पार्टियों के नेता एक दूसरे पर लगातार हमलावर हैं. इसी कड़ी में प्रदेश जदयू ने बिहार राज्य नागरिक परिषद् के पूर्व महासचिव और जद यू नेता अरविंद कुमार उर्फ छोटू सिंह के नेतृत्व में बुधवार को राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के खिलाफ पार्टी कार्यालय से आयकर गोलंबर तक मार्च किया. कार्यकर्ताओं ने आयकर गोलंबर पर लालू प्रसाद का पुतला भी फूंका.

इस अवसर पर छोटू सिंह ने कहा कि लालू प्रसाद अपने और परिवार की जुबान पर लगाम लगाएं. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ देश एवं राज्य की जनता है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव घूम—घूमकर असंसदीय भाषा का प्रयोग कर रहे हैं. जिसे जनता बर्दाश्त करने के लिए तैयार नहीं है. लालू प्रसाद और उनका कुनबा राजनीति में ओछी और छिछली भाषा का प्रयोग कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 20 महीने तक राजद के साथ जहर का घूट पी कर रहे. इन दिनों में राजद के लोगों ने क्या नहीं कहा? सब बर्दाश्त किया. अपने ऊपर न जाने कितने सितम सहे, लेकिन जब राज्य के हित में बात आयी तो नीतीश कुमार को यह निर्णय लेना पड़ा. लालू प्रसाद यादव का पूरा कुनबा दोरंगी नीतियों पर चल रहा है. अब इनके पास कोई मुद्दा नहीं है. इसलिए हताशा और निराशा में अनर्गल ट्वीट एवं बयानबाजी कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और विपक्ष के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव को अभी बाढ़ पीड़ित लोगों के लिए कुछ करना चाहिए. घोटालों के सरताज लोग घोटाले की बात करते हैं. जनता अब किसी के बहकावे में नहीं आने वाली है. बिहार की जनता यह जान चुकी है कि कौन कितना बड़ा घोटाले बाज है. मार्च में छोटू सिंह के साथ राजेश सिंह, खुर्शीद आलम, तनवीर हसन, राजू यादव, अर्चित सिंह, नीरज झा, पप्पू यादव समेत सैकड़ों लोग शामिल थे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*