NGO पर नौकरी दिलाने में फर्जीवाड़ा का आरोप,इंटरव्यू देने आये युवकों का प्रदर्शन

फुलवारीशरीफ/पटना (अजित) : नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने पर सोमवार को परीक्षार्थियों ने थाने का घेराव किया और जमकर एनजीओ के खिलाफ नारेबाजी की. पुलिस ने परीक्षार्थियों को समझा—बुझाकर पटना निबंधन कार्यालय भेज दिया. ट्रेनी आइपीएस सह थाना प्रभारी ने बताया कि एनजीओ का रजिस्ट्रेशन बिहार सरकार से है. इसकी जांच करायी जाएगी. जांच के बाद ही एनजीओ पर कार्रवाई की जायेगी.

इस संबध में राज्य के विभिन्न जिलों से आये परीक्षार्थियों मे दरभंगा से आये रौशन कुमार, आरा के पीयूष कुमार, बेतिया के पप्पू कुमार, गया से रवि कुमार, अरवल के कौशिक कुमार, आरा के विश्वाजीत कुमार, गोपालगंज से अंगद कुमार ने बताया कि गुड लाइफ डेवपलमेंट  सोसाइटी नामक एनजीओ ने जिला नियंत्रक, प्राथमिक नियंत्रक, पंचायत नियंत्रक, कंप्यूटर आॅपरेटर, काॅल आॅपरेटर, काॅनसिलर, चपरासी आदि के कुल 9187 पदों के लिए आदेवन मांगा गया था. सभी पदों के लिए हजारों बेरोजगार छात्रों ने आवेदन दिया. एनजीओ ने सभी छात्रों का एडमिट कार्ड भी जारी कर दिया. इसके बाद फुलवारीशरीफ के भुसौला दानापुर पुल के निकट सभी आवेदकों को बुलाया गया कि 29 मार्च से चार अप्रैल तक उक्त पदों के लिए इंटरव्यू है. परीक्षार्थियों ने बताया कि जब इंटरव्यू होने लगा तो 151 रूपये की मांग की जाने लगी. नियुक्ति कब होगी इस बारे में भी एनजीओ के लोग ​कुछ नहीं बता रहे थे. इससे लोगों को महसूस हुआ कि यह फर्जीवाड़ा का मामला है और इसके बाद हंगामा करना शुरू कर दिया.

आक्रोशित परीक्षार्थी थाना आकर घेराव करने लगे और एनजीओ पर कार्रवाई की मांग करने लगे. पुलिस ने एनजीओ के स्टाफ तरूण कुमार को बुलाकर पूछ-ताछ की है और एनजीओं के सारे कागजात की जांच की है. तरूण कुमार ने बताया कि मामला रजिस्टर्ड एनजीओ का है. आवेदन के समय पैसा नहीं लिया गया है. इंटरव्यू के समय सभी के एडमिट-कार्ड पर 151 रूपये लेने की बात उल्लेखित है. सारी नियुक्तियां सही हैं. थाना प्रभारी ने बताया कि परीक्षार्थी मेरे पास आये थे. वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की गई है. एनजीओ का रजिस्ट्रेशन बिहार सरकार से है कि नहीं इसकी जांच करायी जाऐगी. जांच के बाद उचित कार्रवाई की जायेगी.

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