डेड बॉडी ले जा रहे ठेले वाले ने पी रखी थी शराब, डाक बंगला चौराहा पर पकड़ा गया

पटना : एक ऐसा कारनामा सामने आया, जिसके बारे में जानकर आप भी दंग रह जाएंगे. मामला पटना रेल पुलिस से जुड़ा है. एक अनजान शख्स की डेड बॉडी को पहचान के लिए 72 घंटे तक रखा गया था. लेकिन तय समय तक उसकी पहचान नहीं हो सकी. जिसके बाद पटना जंक्शन रेल थाने की पुलिस टीम ने डेड बॉडी का अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया.
नियामानुसार डेड बॉडी को एंबुलेंस से भेजा जाना था. लेकिन एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं हो सकी. जिसके बाद डेड बॉडी को एक ठेले पर लाद कर बांस घाट के लिए भेज दिया गया. साथ में रेल पुलिस के एक सिपाही को भी लगा दिया गया. लेकिन किसी ने ये चेक नहीं किया कि ठेला चला रहे शख्स ने शराब पी रखी है. वो शराब के नशे में धुत था. इस बात का पता काफी देर बाद चला. उसमें भी रेल पुलिस ने नहीं, बल्कि पटना पुलिस की टीम की नजर शराबी ठेला चालक पर पड़ी.
पटना के डीएसपी लॉ एंड आॅर्डर डा. मो. शिब्ली नोमानी की नजर शराबी ठेला चालक विनय महतो पर पड़ी थी. उसे डाक बंग्ला चौराहा के पास डिटेन किया गया. उसकी जांच की गई. जांच में शराब पीने की बात सही साबित हुई. पटना पुलिस ने इस मामले की जानकारी रेल पुलिस को दी. जिसके बाद रेल पुलिस की टीम ने ठेला चालक को अरेस्ट कर लिया.
उसके खिलाफ पटना जंक्शन रेल थाना में एफआईआर भी दर्ज किया गया है. रेल थाना के एसएचओ प्रमोद कुमार की मानें तो रेल पुलिस ने डेड बॉडी ले जाने की जिम्मेवारी किसी और को दी थी. फिर उस शख्स ने दूसरे ठेला चालक को दे दिया. जिसके बारे में उनकी टीम को पहले से पता नहीं था.

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