MSC और BEd के फर्जी सर्टिफिकेट बनाते थे, पुलिस ने किया गिरफ्तार

पटना : फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले एक बड़े गिरोह का बुधवार को पर्दाफाश हो गया. एसएसपी मनु महाराज के निर्देश पर हड़ताली मोड़ के समीप डॉ जाकिर हुसैन संस्थान में चल रहे फर्जी सर्टिफिकेट बनाने वाले गिरोह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया. जब उनके पास से बरामद प्रमाण पत्रों की जांच कराई गई तो सभी सर्टिफिकेट फर्जी निकले. मामले की आगे भी जांच चल रही है.

NRDP की आड़ में बना रहे थे सर्टिफिकेट 

गिरोह नेशनल रूरल डेवलॉपमेंट प्रोग्राम (NRDP) के आड़ में फर्जी सर्टिफिकेट बनाने का काम करता था. पुलिस को उनके पास से NRDP की मेंबरशिप के फॉर्म भी काफी मात्रा में मिले हैं. अब तक करीब चार दर्जन युवकों को झांसा देकर विभिन्न विश्वविद्यालयों के नाम के फर्जी सर्टिफिकेट बांटे जा चुके हैं. बदले में गिरोह द्वारा छात्रों से मोटी रकम वसूल की जाती थी. जिन विश्वविद्यालयों के फर्जी सर्टिफिकेट बनाए जा रहे थे उनके नाम क्रमश: ड़ॉ सी वी रमन यूनिवर्सिटी, महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी और स्वामी विवेकानंद यूनिवर्सिटी हैं. इन्ही विश्वविद्यालयों के के मास्टर ऑफ साइंस, बीएड और अन्य कोर्सों की फर्जी डिग्री बना कर दी जाती थीं.

ऐसे पता चला फर्जीवाड़े का

कुछ युवकों ने एसएसपी मनु महाराज के दफ्तर पहुंच फर्जीवाड़ा गिरोह की जानकारी दी. उन्होंने ही सबसे पहले संबलपुर यूनिवर्सिटी की फर्जी डिग्री जो कि गिरोह द्वारा ही दी गई थी, पुलिस को सौंपी. एसएसपी ने डीएसपी कोतवाली और कोतवाली थाना को मामले की जांच करने का निर्देश दिया. संबलपुर यूनिवर्सिटी वाले प्रमाणपत्र के सत्यापन के लिए यूनिवर्सिटी में भेजा गया. जहां से विवि ने सर्टिफिकेट को अपने यहां का मानने से मना कर दिया.



 

पुलिस ने गिरोह पर अपनी दबिश बढ़ा दी. चार सदस्यों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. इसके बाद बुधवार को पुलिस ने छापेमारी कर गिरोह के छह सदस्यों को फर्जी प्रमाणपत्र, लैपटॉप, फर्जी स्टांप और अन्य सामानों के साथ गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तार सदस्यों के नाम हर्षवर्धन कुमार सिंह, मृणाल चक्रवर्ती, तरुण कुमार, अशोक कुमार गुप्ता, कुमार अन्नु और शैलजा कुमारी है. इनके पास से करीब 50 जाली सर्टिफिकेट मिले हैं. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.

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