पटना और मुजफ्फरपुर में ED के छापे से हड़कंप, गोयनका बंधुओं पर कसा शिकंजा

लाइव सिटीज डेस्क  : केंद्र सरकार ने कालेधन वालों पर नकेल कसने के लिए बड़े कदम उठाए हैं.  काले धन के खिलाफ अब तक सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने कई फर्जी कंपनियों के पोल खोल दिए हैं. इसके तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को बिहार के पटना और मुजफ्फरपुर में धावा बोला. पटना में यूनाइटेड ग्रुप के चार्टेड अकाउंटेंट के दफ्तर पर छापेमारी हुई तो वहीं मुजफ्फरपुर में सर्राफा व्यवसायी गोयनका बंधुओं के कई ठिकानों पर छापेमारी की गई. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय ने पटना, दिल्ली, गाजियाबाद समेत देश भर में छापेमारी कर 1000 फर्जी कंपनियों की कलई खोल दी. ईडी ने एक बयान जारी कर कहा है कि उसने शनिवार को 16 राज्यों में 110 जगहों पर 300 कंपनियों के परिसरों की तलाशी ली. इस दौरान एक हजार फर्जी कंपनियों का भंडाफोड़ हुआ. 

मुजफ्फरपुर में गोयनका बंधुओं के ठिकानों पर ED का छापा

ईडी ने मुजफ्फरपुर के एक चर्चित सर्राफा व्यवसायी पर भी शिकंजा कस दिया है. शनिवार को ईडी की देशव्यापी छापेमारी के दौरान इनके कोलकाता कनेक्शन का भी पता चला. ईडी सूत्रों के अुसार कोलकाता के कई फर्जी कंपनियों के मार्फत उस ज्वेलर्स के करीब 14 करोड़ रुपए की मनी लौंड्रिंग से जुड़े सुराग मिले हैं. ईडी की टीमें इस सिलसिले में कोलकाता में छापेमारी कर रही हैं. कोलकाता स्थित फर्जी कंपनियों के मार्फत कालेधन को सफेद करने के मामले में प्रीवेंशन ऑफ मनी लौंड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत यह कार्रवाई की जा रही है. मुजफ्फरपुर के जेवर व्यवसायी के ठिकानों पर पिछले साल 22 दिसंबर को आयकर विभाग की टीम ने भी छापेमारी की थी. 

नोटबंदीके दौरान मनी लॉन्ड्रिंग मामले में चर्चित शहर के सर्राफा व्यवसायी राजकुमार गोयनका अशोक गोयनका के कोलकाता स्थित ठिकानों पर शनिवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छापेमारी की. इस दौरान गोयनका बंधुओं के ठिकानों से कई कागजात जब्त किए गए हैं.
आरोप है कि नोट बंदी के दौरान गोयनका बंधुओं ने कोलकाता के फर्जी कंपनियों के माध्यम से काले धन को सफेद किया था. नोट बंदी के बाद चपरासी के नाम पर चार बैंक एकाउंट खोले और करीब 13 करोड़ कैश का ट्रांजेक्शन कर लिया. 22 दिसंबर को आयकर की जांच में इसका खुलासा हुआ था. जांच के पता चला था कि गोयनका बंधु चपरासी कुणाल कुमार के खातों के जरिए करोड़ों के ट्रांजेक्शन हुआ था. दो प्राइवेट बैंक में कुणाल के नाम पर कुल 4 खाते खोले गए थे. इनमें करोड़ों के पुराने 500 हजार के नोट जमा कराए गए थे. 

आरोपों के घेरे में आए व्यवसायी बंधु राजकुमार अशोक गोयनका दो कंपनियों ‘पूजा ट्रेडिंग कांता कॉरपोरेशन’ के नाम पर बिस्कुट, मोबाइल रिचार्ज आदि का थोक कारोबार करते हैं. उनके फर्म में पिछले चार वर्षों से कुणाल चपरासी के रुप में काम करता था. आयकर विभाग की कार्रवाई के दौरान इस मामले में कुणाल ने मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाने में व्यवसायी भाईयों के खिलाफ जालसाजी अन्य आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई थी. बैंक कर्मियों भी पूछताछ हुई थी.  

पटना में यूनाइटेड ग्रुप के CA दफ्तर में ED का छापा 

ईडी ने पटना में यूनिटेक ग्रुप ऑफ कंपनीज का कारोबार देखने वाले दो शेयर ब्रोकरों के ठिकानों को खंगाला है। उनके ठिकानों से नोटबंदी के बाद करोड़ों के लेन-देन से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। ईडी की टीम ने इन दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। दिल्ली बेस्ड यूनिटेक ग्रुप nनोएडा ग्रुप के चर्चित भ्रष्ट अधिकारी यादव सिंह से जुड़ी है. पटना के एग्जिबिशन रोड स्थित इस कंपनी के चार्टेड अकाउंटेंट के दफ्तर पर ED ने शनिवार सुबह ही धावा बोला था.  और यहां के कई दस्तावेज अपने साथ ले गई है. ED की कार्रवाई से पटना से शेयर बाजार  से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है.

यह भी पढ़ें-  काले धन पर ED का एक्शन : एक ही पते पर 700 शेल कंपनी, कई बड़े नेता लपेटे में

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*