अगर यह ईर्ष्या का कारण है तब तो ठीक है: जगदानंद

पटना (नियाज़ आलम) : बेनामी संपत्ति को लेकर आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव पर हमलावर भाजपा नेता सुशील मोदी पर एक बार फिर से आरजेडी नेता जगदानंद सिंह ने निशाना साधा है.
कांति सिंह से मंत्री बनाने के बदले 30 कट्ठा ज़मीन 1250 रु प्रति माह पर 99 साल की लीज़ पर लेने और रघुनाथ झा से गोपालगंज का उनका मकान गिफ्ट के तौर पर लेने के आरोप का खंडन करते हुए इसे बख्शीश नाम करार दिया है. सिंह ने कहा है कि समाजवादी आंदोलन के चैम्पियन रहे रघुनाथ झा ने लालू यादव को आंदोलन का सिपहसलार बनाने के लिए अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया. अगर उसने बच्चों की तरह कुछ बख्शीश के तौर पर दिया तो उस पर सवाल उठा रहे हैं. जब रघुनाथ झा का रिश्ता गोपालगंज की जनता से खत्म हो कर बेतिया की जनता से जुड़ा तो उस मकान की उपयोगिता खत्म हो गई. जगदानंद सिंह ने कहा जब रघुनाथ झा राजनीति में स्थापित हो चुके थे उस समय हाफ पैंट पहनकर घूमने वाले मोदी आज उनपर आरोप लगा रहे हैं.
उन्होंने कहा की वो जनता से अपील करते हैं कि राजनीति की पवित्रता भंग करने वाले मोदी जैसे नेताओं को अहमियत नहीं देनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने भोला राम तूफानी और भगवतिया देवी का उदाहरण देते हुए कहा है कि लालू यादव शुरू से ही गरीबों एवं दबे कुचलों की राजनीति करते रहे हैं. समाज के अंतिम पायदान पर खड़े और वंचित वर्ग के सैंकड़ों लोगों को विधायक और मंत्री बना कर सत्ता का भागीदार बनाया. मतलब ये की जिन्हें बिहार में किसी ने नहीं पूछा और उसके उत्थान के लिए लालू यादव ने काम किया. जगदानंद सिंह ने कहा कि अगर ये ईर्ष्या का विषय है तो सुशील मोदी की लड़ाई ठीक है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लालू यादव हमारी आस्था के केंद्र हैं और हम अपनी आस्था के केंद्र को आर्थिक रूप से मज़बूत कर रहे हैं तो इसमें क्या परेशानी है.
‘पैसों की तंगी थी, ज़मीन बेच दी’
मंत्री बनने के बदले पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह ने दानापुर की अपनी करोड़ों रूपये मूल्य की ज़मीन कौड़ी के भाव राबड़ी देवी को 99 साल की लीज़ पर दे दी. भाजपा नेता सुशील मोदी के इस आरोप का कांति सिंह ने कड़े शब्दों में खंडन किया है. कांति सिंह ने कहा कि वह ज़मीन मंत्री बनने के लिए रिश्वत के तौर पर नहीं दिया बल्कि गायों को रखने के लिए मदद के तौर पर दिया था. सिंह ने कहा कि जब 2005 में राजद की सरकार नहीं बन सकी तब सराकारी आवास खाली करना पड़ा था. उस समय लालू जी के पास सौ से ज़्यादा गायें थीं और उन्हें रखने के लिए कहीं कोई उपयुक्त जगह नहीं थी. इसी परिस्थिति को देखते हुए मैंने अपनी ज़मीन देने की पेशकश की. जल्दबाजी में लीज़ बनाई गई. उसके 4-5 साल बाद पैसों की तंगी के कारण मैंने वो ज़मीन लालू परिवार से बेच दी. कांति सिंह ने कहा की पैसों की तंगी तो किसी को भी हो सकती है. जगदानंद सिंह ने कहा कि सौ से ज़्यादा गायों को स्लॉटर हाउस तो नहीं भेज ज सकता था. उन्होंने कहा कि मोदी लीज़ की बात कर रहे हैं जबकि हम उसे आगे बढ़ कर बेचने की बात बता रहे हैं.
‘चलनी हसलन सूप पर, जिसमें अपने 72 छेद
राजद सुप्रीमो द्वारा रघुनाथ झा से जबरन उनका गोपालगंज का मकान लिखवाने के आरोप पर झा के बेटे और पूर्व विधायक अजीत झा ने सुशील मोदी पर जबरदस्त हमला किया है. अजीत झा ने कहा कि मेरा घर, मैंने गिफ्ट किया तो किसी और (मोदी) को क्या समस्या है. पूर्व विधायक ने कहा कि लालू यादव हमारे नेता हैं और हम उनके  लिए कुछ भी कर सकते हैं. हमें कोई रोक नहीं सकता. अजीत झा ने कहा कि पिता जी (रघुनाथ झा) खुद आना चाहते थे, लेकिन वह बीमार हैं इसलिए मुझसे आने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि मकान क्या चीज है, लालू यादव को मुख्यमंत्री बनाने के लिए सबकुछ न्योछावर कर दिया. इसके साथ ही पूर्व विधायक ने सुशील मोदी पर निशाना लगाते हुए कहा कि हमारे गांव में एक कहावत है कि ‘चलनी हसलन सूप पर, जिसमें अपने 72 छेद.’ सुशील मोदी इसी मुहावरे को चरितार्थ कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि जिस पर खुद दर्जनों आरोप हैं, वह दूसरों पर आरोप लगा रहे हैं.

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