जेडी वीमेंस में सेनेटरी वेण्डिंग मशीन की शुरुआत, आगे हर जिले के महिला कॉलेज में भी

पटना : बिहार प्रदेश जदयू उद्योग प्रकोष्ठ द्वारा नवअस्तित्व फाउण्डेशन के सहयोग से बिहार में पहली बार सोमवार को राजधानी के प्रतिष्ठित कॉलेज जेडी वीमेंस कॉलेज में ‘स्वच्छ बेटियां, स्वच्छ समाज’ के थीम के तहत पहला सेनेटरी डिशपोजल एवं वेण्डिंग मशीन लगाया गया. मशीन के मेंटनेंस एवं सेनेटरी पैड की उपलब्धता कराने एवं समय-समय पर माहवारी से जुड़ी जागरूकता कार्यक्रम कराने की जिम्मेदारी नवअस्तित्व फाउण्डेशन द्वारा लिया गया है. यह सुविधा मशीन लगते ही चालू हो गया और कॉलेज की छात्राओं को आसानी से सेनेटरी नैपकीन मिलने लगा.

कार्यक्रम का लक्ष्य प्रत्येक महिला कॉलेजों में माहवारी से संबंधित काउंसलिंग सेशन कराना एवं संबंधित कॉलेज से लड़कियों की स्चच्छता दूत की एक टीम गठन कराना है. इस टीम का काम अपने कॉलेज में माहवारी से संबंधित जागरूकता फैलाना एवं सुचारू रूप से मशीनों का संचालन करना है.

इस कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के प्रदेश कोषाध्यक्ष सह विधान पार्षद डॉ. रणवीर नंदन ने किया. उन्होंने स्वछता अभियान पर चर्चा करते हुए कहा कि जब घर की महिलाएं स्वस्थ्य व शिक्षित होंगी तो समाज को बदलने से कोई रोक नहीं सकता. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सपना है कि महिलाएं सशक्त हो और वह बिहार के विकास में कदम से कदम मिलाकर काम करें.

इस मौके पर कार्यक्रम की अध्यक्षता जदयू उद्योग प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संजय खंडेलिया ने किया. अध्यक्ष संजय खंडेलिया द्वारा यह निर्णय लिया गया कि प्रयोग के तौर पर बिहार के सभी जिलों में एक महिला कॉलेज का चुनाव किया जाए और वहां सेनेटरी वेडिंग एवं डिशपोजल मशीन लगाया जाएगा. इससे राज्य की हजारों हजार बच्चियों को इस योजना का लाभ मिल सकेगा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के महिलाओं एवं स्त्रीयों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा एवं स्वच्छता के प्रतिबद्धता को अमली जामा पहनाने के उद्देश्य से इस अभियान स्वच्छ बेटियां स्वच्छ समाज की शुरूआत की गयी है.

मौके पर जदयू उद्योग प्रकोष्ठ की प्रदेश महासचिव पल्लवी सिन्हा ने बताया कि आकड़ों के अनुसार आज बिहार में लगभग 83 प्रतिशत महिलाएं माहवारी के दौरान सेनेटरी पैड की जगह गंदे कपड़ों का इस्तेमाल करती है, जिससे उन्हें कई प्रकार की बीमारीयों जैसे संक्रमण, बांझपन, बच्चेदानी का कैंसर जैसी घातक बीमारियों का समाना करना पड़ता है और उनकी कभी कभी असमय में मौत भी हो जाया करती है. इस प्रकार की समस्या लगभग समाज के हर वर्ग में व्याप्त है. इस मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष अमृता सिंह ने कहा कि इस समस्या का पूर्ण रूप से समाप्त करने के लिए बड़े परिवर्तन की जरूरत है, जिससे महिलाओं एवं बच्चियों को आसानी से सेनेटरी पैड उपलब्ध करायाजा सके और समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाया जाए. उन्होंने कहा कि सामाजिक बदलाव सरकार व समाज के सही सामंजस्य से ही संभव है. किसी भी राज्य का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब उसमें रहने वाला प्रत्येक व्यक्ति इस बदलाव का हिस्सा बनने को तैयार होता है.

कार्यक्रम में महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष अंजुम आरा, मैक्सलाईफ डाइगनोस्टिक के एमडी डॉ. संजीव कुमार, कॉलेज की प्रचार्य डॉ. मीरा कुमारी, विख्यात लेखिका ममता मेहरोत्रा, जदयू की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सुहैली मेहता, कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीषा सिंह, समाजसेवी जगजीवन सिंह, डॉ. भावना शेखर, जदयू उद्योग प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष राजीव अग्रवाल, सुनीता सिंह, रीना राजपूत, नव अस्तित्व फाउंडेशन की कोषाध्यक्ष डॉ. अर्चना कुमारी सहित गई गणमान्य हस्तियां बतौर अतिथि मौजूद रही.

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