मोटरसाइकिल से गश्त लगाएंगे SSB के जवान, DGP और एसएसबी DG ने दिखाई हरी झंडी

पटना : सशस्त्र सीमा बल (SSB) के सीमांत मुख्यालय पटना का निरीक्षण करने SSB की महानिदेशक सह तामिलनाडु कैडर की IPS अधिकारी अर्चना रामासुंदरम पटना आयी हैं. दो दिनी निरीक्षण कार्यक्रम के तहत उन्होंनें अपना रुख सबसे पहले बिहार के नक्सल प्रभावित जिले गया मे किया. इसके बाद वो रक्सौल में 47वीं वाहिनी के जवानों का चेकपोस्ट भी देखने गईं. उधर से लौटते हुए उन्होंने बिहार पुलिस के DGP पी के ठाकुर की मौजूदगी में सीमांत मुख्यालय पटना से बिहार के नक्सल प्रभावित इलाकों में एसएसबी की पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से एक साथ 300 मोटरसाइकिल सवार एसएसबी के जवानों को हरी झंड़ी दिखायी. ये जवान नक्सल प्रभावित इलाकों में मोटरसाइकिल से गश्त लगाएंगे.

मोटरसाइकिल सवार एसएसबी के जवानों को अलग-अलग क्षेत्र बांट दिए गए हैं. रूट भी निर्धारित कर दिया गया है. अपने संबंधित क्षेत्र में हुई नक्सली गतिविधियों को रोकने की जिम्मेदारी इन्हीं जवानों की होगी. असली ड्यूटी रात को होगी, जब नक्सली  अंधेरे और शांति का फायदा उठाकर आसानी से वारदात अंजाम दे देते हैं. वायरलेस सेट से लैस एसएसबी के जवान आपस में इंटरकनेक्टेड भी होंगे, ताकी जरुरत पड़ने पर अपने दूसरे साथी को तत्काल सूचित कर सकें. इनका सीधा संपर्क सीमांत मुख्यालय पटना से भी होगा.

सुदूर इलाकों में तैनात जवान “माई ऐप्प” से रख सकेंगे अपनी बात

अपने निरीक्षण के कार्यक्रम के तहत अर्चना रामासुंदरम ने एसएसबी के रक्सौल चेक पोस्ट पर तैनात जवानों को संबोधित भी किया. इस मौके पर उन्होंने कहा कि सीमांत मुख्यालय पटना के नेतृत्व में अभी तक SSB की उपलब्धियां शानदार रही हैं. जो जवान दूरवर्ती क्षेत्र में तैनात है, उनकी शिकायत के लिए एसएसबी ने माई एप्प का विकास किया है.

मोटरसाइकिल सवार एसएसबी के जवानों को हरी झंडी दिखाते हुए DGP पी के ठाकुर ने कहा कि  एसएसबी के सबसे अच्छी बात ये है कि उसका बिहार पुलिस के साथ भी बढ़िया समन्वयन है. इसीलिए किसी भी अभियान में एसएसबी के जवानों के साथ-साथ बिहार पुलिस भी कंधे से कंधा मिलाकर डटी रहती है.

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