बालू माफिया से मिले दीघा थानेदार पर भी गिरी गाज, आज 19 हुए अरेस्ट

पटना : अभी तक सिर्फ ऐसे बालू माफियाओं के खिलाफ ही कार्रवाई हो रही थी, जो अवैध रूप से बालू की खनन में लगे थे. पर अब सब कुछ बदल गया है. अब अवैध रूप से बालू का स्टॉक करने वाले और इसके ट्रांसपोर्टेशन में लगे बालू माफिया भी पटना पुलिस के रडार पर आ गए हैं.  शनिवार को एसएसपी मनु महाराज और एएसपी आॅपरेशन राकेश दुबे ने पटना के अंदर बड़ी कार्रवाई की.

आशियाना—दीघा रोड और पोल्सन रोड में ऐसे ठिकाने पर छापेमारी की, जहां अवैध रूप से बड़े पैमाने पर बालू का स्टॉक रखा था. बालू का अवैध स्टॉक होने के साथ ही इसका ट्रांस्पोटेशन भी अवैध रूप से ही जारी था. रिहायशी इलाके में बालू का बड़ा स्टॉक देख पुलिस अधिकारियों के भी होश उड़ गए थे. देखने में नजारा पहाड़ जैसा लग रहा था. पुलिस टीम ने छापेमारी की तो हर तरफ हड़कंप मच गया. पटना के अंदर बालू माफियाओं के खिलाफ ये बड़ी कार्रवाई करीब 4 घंटे तक चली.

टुनटुन और भागीरथ मुखिया समेत 19 अरेस्ट

पुलिसिया कार्रवाई को देख बालू माफियाओं के होश उड़े थे. अचानक पुलिस को ठिकाने पर देख कुछ लोगों ने भागने की कोशिश भी की. लेकिन हर तरफ से पुलिस के अधिकारी और जवान पूरी तरह से मुस्तैद थे. जिस कारण कोई भी मौके से भाग नहीं सका.

अपने इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने बालू माफिया टुनटुन सिंह और नकटा दियारा के भागीरथ मुखिया समेत कुल 19 लोगों को अरेस्ट किया है. बालू माफियाओं में ये दोनों कुख्यात माने जाते हैं. लंबे समय से अवैध बालू का ये खेल चल रहा था. मौके से 7 हाईवा, 1 पोकलेन, 1 स्कॉर्पियो, 1 जिप्सी, 2 ट्रक और 5 ट्रैक्टर को जब्त किया गया है.

माफिया से मिलीभगत थानेदार को पड़ी महंगी

जोनल आईजी नैय्यर हसनैन खान का निर्देश मिलने पर एएसपी आॅपरेशन राकेश दुबे अपनी टीम के साथ सबसे पहले बालू माफियाओं के ठिकाने पर पहुंचे थे. छापेमारी की बात दीघा ​के थानेदार गोल्डन कुमार को भी नहीं पता थी. बालू का बड़ा स्टॉक मिलने की सूचना पर एसएसपी मनु महाराज भी मौके पर पहुंच गए. फिर दोनों अधिकारियों ने कार्रवाई शुरू कर दी. रिहायशी इलाके में अवैध रूप बालू का बड़ा स्टॉक होन व उसका ट्रांस्पोटेशन किया जाना और इलाके के थानेदार को इसका पता नहीं होना. ये बात पुलिस अधिकारियों को हजम नहीं हुई.

मामले की शुरूआती जांच में ही थानेदार की मिलीभगत बालू माफियाओं के साथ होने की बात सामने आ गई. फिर क्या था, एसएसपी ने थानेदार को सस्पेंड कर दिया और उनके मोबाइल को जब्त कर लिया. अब इनकी कॉल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है.

एसएसपी ने पहले भी गोल्डन कुमार को वार्निंग दी थी, लेकिन तीन बार की वार्निंग के बाद भी वो नहीं सुधरे. ​अब गोल्डन कुमार की जगह पर सचिवालय एसएचओ राजेश कुमार दुबे को दीघा थाने की कमान सौंपी गई है. वहीं सतीश कुमार सिंह को सचिवालय का नया थानेदार बनाया गया है.

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