‘क्या पीके के लापता होने का पोस्टर लगायेंगे नीतीश?’

Nitish Kumar

लाइवसिटीज डेस्क : भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने एक बार फिर प्रशांत किशोर का मुद्दा उछाला है.  उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल किया है कि आखिर प्रशांत किशोर एक साल से कहां हैं? क्या सरकार बताएगी या प्रशांत किशोर को पोस्टर लगा कर ढूंढा जाएगा? सुशील मोदी का यह सवाल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नीतीश कुमार ने उन्हें बिहार सरकार में कैबिनेट मंत्री स्तर की अहम जिम्मेदारी दे रखी है. प्रशांत किशोर को यह जिम्मेदारी देने पर उस वक़्त भी कई तरह के विवाद पैदा हो गए थे. इसको चुनौती भी दी गयी थी जो मामला अभी तक कोर्ट में है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर नीतीश कुमार के रणनीतिकार प्रशांत किशोर वयस्त रहे थे. लेकिन उत्तर प्रदेश में बीजेपी को मिली बड़ी जीत के बाद से प्रशांत किशोर की आलोचना शुरू हो गई है. अब चुनाव भी समाप्त हो चुके हैं लेकिन प्रशांत अभी तक बिहार नहीं लौटे हैं. उनके बिहार से दूर होने का सीधा असर बिहार के विकास मिशन (BVM) पर पड़ा है. प्रशांत किशोर इस कमिटी की अगुवाई कर रहे थे और सीधे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को रिपोर्ट कर रहे थे.

बिहार विकास मिशन की स्थापना बीते साल फरवरी माह में सोसाइटी एक्ट1860 के तहत की गई थी. इस अर्धसरकारी बॉडी का उद्देश्य नीतीश कुमार के ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम का सही ढंग से इम्प्लीमेंटेशन कर उसे सफल बनाना है.

हालांकि प्रशांत किशोर के यूपी चुनाव में व्यस्त होने की वजह से कहा जा रहा है कि बिहार सरकार में कुछ अधिकारी वर्ग जो प्रशांत से दुर्भावना रखते थे इन दिनों ज्यादा खुश हैं क्योकि अब BVM के लिए एक सामानांतर सेक्रेटेरिएट खड़ा करने की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है.

इससे पहले प्रशांत किशोर ने BVM सेक्रेटेरिएट के लिए 1500 एक्सपर्ट लोगों की टीम बनाने का विचार सुझाया था. जिसकी नियुक्ति प्रशांत किशोर के इशारे पर होनी थी. फरवरी- मार्च के महीने में 100 टीम लीडर्स और उनसके सहायक की नियुक्ति का प्रोसेस स्टार्ट भी किया गया था लेकिन मात्र 12 लोग ही टीम लीडर के लिए चुने गए और केवल 20 एसोसिएट पद के लिए चुने गए.

इसके बाद प्रशांत बिहार से बाहर चले गए. इस प्रोजेक्ट पर आगे एक्सपर्ट की नियुक्ति होनी अभी बाकी है.  एक अधिकारिक सूचना के अनुसार इसमें जल्द ही और भी नियुक्ति की जाएगी.

अब सवाल यह भी उठ रहे हैं कि प्रशांत किशोर पिछले करीब1 साल  से बिहार सरकार की किसी भी मीटिंग में शामिल नहीं हुए हैं. इससे बिहार में विपक्षी पार्टी की भी भौंहे तन गई हैं. इस मामले में भाजपा नेता सुशील मोदी ने पहले भी सवाल खड़ा करते हुए पूछा था कि क्या प्रशांत अनुपस्थिति में भी कार्य करते हैं?

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