शहीद सौरभ के परिजनों से मिलने पहुंचे सुमो

पटना:

सुकमा नक्सली हमले में शहीद होने वाले राज्य के सभी छह जवानों के आश्रितों को रोजगार की स्थायी व्यवस्था के लिये सरकारी नौकरियां देनी चाहिये और इसकी जिम्मेवारी केंद्र और राज्य दोनों पहल करें. ये बातें अभी कुछ देर पहले ही पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शहीद सौरभ के घर कहीं. वे उनके पिता, पत्नी और माँ को सांत्वना दे रहे थे.

इस बीच शहीद की पत्नी का हाल देख वह भावुक भी हो गये और कहने लगे शहीद होने वाले सभी जवान उम्र से भी जवान थे. इसलिये स्थायी व्यवस्था करना ही मूल बात है. उन्होंने राज्य सरकार द्वारा घोषित राशि को काफी कम बताया और मांग की कि हरियाणा और यूपी के समतुल्य ही राशि मिलनी चाहिये. मोदी ने शहीद के पिता से पारिवारिक स्थितियां और घटना की जानकारी ली.

शहीद सौरभ को नक्सलियों की 17 गोलियां लगी थीं, लेकिन उसके पैर पीछे नहीं हटे और शहीद होने से पूर्व बहादुरी से लड़ा और सिर्फ सर पर 8 गोलियां लगीं. ये वाकया सुनाते सुनाते शहीद के पिता कमलेश सिंह ने मोदी को यह भी बताया कि उस दिन अगर सौरभ की डेल्टा कंपनी को कवर टीम पीछे से सुरक्षा देती तो इतनी कैजुअल्टी नहीं होती. लेकिन हमेशा की तरह उस दिन भी बल के अधिकारी लापरवाह साबित हुए.

पिता ने आज पहली बार बताया उन्हें इस बात पर फक्र भी है कि इसी कंपनी के सौरभ और उनके साथियो ने हमले से दो दिन पूर्व ही दो नक्सलियों को ढेर किया था, जिससे नक्सली बायस्ट थे. लेकिन अधिकारी चौकन्ने नहीं हुए. ये बातें पिता को दो दिन पूर्व सौरभ ने फोन पर बतायी थीं.

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