3 सगे भाइयों की कैंसर से मौत, रोते-रोते पथरा गयी मां की आंखें, इलाके में मातम

पटना/फुलवारी शरीफ : फुलवारी शरीफ चौराहे के नजदीक महतवाना मुहल्ले में रहने वाले एक परिवार पर जानलेवा कैंसर रोग ने ऐसा कहर ढाया है कि सालभर में तीन सहोदर भाई एक-एक कर काल का ग्रास बनते गये. दुःख की बात यह है कि चिकित्सको की पूरी टीम बस देखती रह गयी. एक ही मां के गर्भ से निकले तीन सहोदर भाईयों को एक साल में मौत के मुंह में जाता देख बिस्तर पर पड़ी अभागन मां समेत पूरा परिवार बस देखता रोता-बिलखता रह गया.

सदर बाजार में महतवाना निवासी प्रसिद्ध शायर और सामाजिक कार्यकर्ता कौस सिद्दीकी के बड़े भाई मरहूम अब्दुस सलाम के 7 पुत्र और 1 बेटी के हंसते-खेलते परिवार में चीत्कार मचा हुआ है. शायर कौस सिद्दीकी के दामाद पत्रकार शीश अहमद ने बताया कि सात भाईयों में मंझले भाई परवेज सलाम की पचास साल के उम्र में पाइल्स कैंसर से करीब एक साल पहले मौत हो गयी थी. उसके बाद परिवार अभी संभला भी नहीं था कि दो माह में ही सबसे बड़े भाई जावेद सलाम की मौत स्किन कैंसर से हो गयी. इसके बाद भी परिवार में मातम का माहौल अभी थमा न था कि तीसरे भाई अनवर सलाम उर्फ़ राजू की मौत बुधवार की शाम चार बजे हो गयी.

महावीर कैंसर संस्थान में अनवर का लीवर कैंसर का इलाज चल रहा था. लेकिन दिन ब दिन स्थिती बिगड़ती चली गयी और उसके सांसो की डोर भी टूट गयी. अनवर की मौत की खबर मिलते ही महतवाना स्थित घर पर शोक जताने और परिवार के लोगों को ढाढस बंधाने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी.

शायर कौस सिद्दीकी ने रोते हुए रुंधे गले से इतना ही कहा कि शायद अल्लाह की यही मर्जी है और फफक फफक कर रोने लगे. आवाज हलक में ही अटक गयी. तीन भाईयो के अलावा अजहर सलाम, सरवर सलाम, खुशतर सलाम और गजनफर सलाम ही बचे हैं. एक साल में ही अपने तीन भाईयों को एक के बाद एक कर मौत के मुंह में समाता हुआ देख चारों भाईयों की स्थित काटो तो खून नहीं वाली हो गयी है.

परिवार समेत पूरे मुहल्ले में लोग सकते में हैं. कैंसर के चल्रते मौत के मुंह में समाने वाले तीन भाईयों की मां मासूमा खातून उम्र करीब 80 वर्ष पारालाईसीस की शिकार हैं. मां को जब पता चला कि उनका तीसरा बेटा अनवर उर्फ़ राजू भी अल्लाह को प्यारा हो गया तो उनके मुंह से आवाज ही नही निकली. आंखों से बहते आंसुओ को घर-परिवार की महिलाएं पोंछती तो खुद ही उनकी आंखे बरस पड़ती. परिवार के लोगों को ढाढस बंधाने लोग जमा हैं.

phulwari (3)

लोग भौचक हैं कि यह क्या हो गया इस परिवार को. किसकी नजर लगी कि एक के बाद एक कर तीन भाईयों की मौत कैंसर से हो गयी. परिजनों के मुताबिक एक ही परिवार में तीन भाईयों की मौत के बारे में चिकित्सक भी नही बता पा रहे कि आखिर क्या वजह रही कि एक ही परिवार के तीन लोगों को कैंसर ने शिकार बना लिया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*