उठ गया पर्दा, देखें टॉप रीजनल फिल्में

पटना : पटना में होते हुए भी आप दूसरे राज्यों की अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की टॉप फिल्में देख सकते हैं. इनमें बांग्ला, मलयालम, राजस्थानी, पंजाबी और  उड़िया भाषा की कुछ क्लासिकल फिल्में भी शामिल हैं. खास बात यह है कि इन फिल्मों को देखने का आनंद आप सैकड़ों लोगों के साथ बैठकर रविन्द्र भवन में ले सकते हैं.

बिहार राज्‍य फिल्‍म डेवलपमेंट वित्त निगम लिमिटेड द्वारा आयोजित क्षेत्रीय फिल्‍म फेस्टिवल 2016 का आगाज मंगलवार को पटना के रविंंद्र भवन में हो गया है. 15 से 20 नंवबर तक चलने वाले इस फिल्‍म फेस्टिवल का उद्घाटन राज्‍य के कला संस्‍कृति विभाग के प्रधान सचिव चैतन्‍य प्रसाद ने किया. इसके बाद प्रसिद्ध लोकगायिका रेखा झा ने मैथिली और भोजपुरी गीतों पर अपनी शानदार प्रस्‍तुति दी.  इस दौरान बिहार राज्‍य फिल्‍म डेवलपमेंट वित्त निगम लिमिटेड के एमडी गंगा प्रसाद, पूर्व आईएएस आर एन दास, फिल्‍म समीक्षक विनोद अनुपम, प्रवीण कुमार मलयालम अभिनेत्री उथारा उन्‍नी, डायरेक्‍टर लेलिन राजेंद्रन भी उपस्थित रहे.

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सांस्कृतिक विविधताओं का होगा मेल-जोल
फिल्म फेस्टिवल की शुरूआत के मौके पर प्रदान सचिव चैतन्य प्रसाद ने कहा कि ऐसे आयोजनों से भारत की विविधतापूर्ण सभ्‍यता और संस्‍कृति का मेल-जोल होता है, जिससे हमें अपने देश केे बारे में जानने का मौका मिलता है. बिहार राज्‍य फिल्‍म डेवलपमेंट वित्त निगम लिमिटेड के एमडी गंगा कुमार ने देश भर में इस तर्ज पर होने वाला पहला आयोजन बताया. उन्‍होंने कहा कि रीजनल फिल्‍म फेस्टिवल 2016 का थीम राज्‍य में विभिन्‍न संस्‍कृति के रहने वाले लोगों को ध्‍यान में रख कर किया गया.

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पहला दिन रहा मलयालम कल्चर और फिल्मों के नाम
फिल्‍म फेस्टिवल के पहला दिन मलयाली कल्‍चर और भाषा के नाम रहा.  इस दौरान निर्देशक शाजी एन. करूण की फिल्‍म वानप्रस्‍थम (1999), निर्देशक लेलिन राजेंद्रन व उथरा उन्‍नी अभिनीत फिल्‍म एडावापंथी (2016) और निर्देशक अदूर गोपाल कृष्‍णन की फिल्‍म (2003) प्रदर्शित की गयी.
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स्कूली बच्चों को दिखाई गई फिल्में
फिल्म फेस्टिवल में खास तौर पर स्कूली बच्चों को बुलाया गया था. माउंट लिटरा वैली स्कूल से आए बच्चों ने बहुत तन्मयता के साथ मलयालम फिल्मों का आनंद लिया. हालांकि बच्चों को भाषा की उतनी समझ नहीं थी, बावजूद उसके उन्होंने फिल्मों में दिखाई गई मलयाली संस्कृति और अभिनय को सराहा.

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