भगोड़ा शराब कारोबारी विजय माल्या लंदन में गिरफ्तार

लाइव सिटीज डेस्क : शराब कारोबारी विजय माल्या को लंदन में गिरफ्तार किया गया है. माल्या की गिरफ्तारी के बाद भारत में उनके प्रत्यर्पण की राह आसान हो गई है. विजय माल्या को भारत वापस लाने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) लेटर रोगेटरी के जरिए गैर जमानती वारंट जारी करने की योजना बना रही थी. इससे पहले माल्या को भारत वापस लाने के लिए मंगलवार को भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने नई दिल्ली में ब्रिटेन के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी. इस मीटिंग में ब्रिटेन के गृह मंत्रालय के अधिकारियों के अलावा भारतीय विदेश मंत्रालय, सीबीआई, गृह मंत्रालय और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी शामिल हुए थे.

इस मामले में पहला आधिकारिक बयान भारत सरकार की ओर से केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री संतोष गंगवार ने दिया है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार इस मामले को देख रही है. माल्या की वापसी की हर संभव कोशिश सरकार करेगी.

20 और 21 फरवरी को दोनों देशों के बीच हुई बातचीत में दोनों पक्षों की ओर से इन मामलों में कानूनी प्रक्रिया की जानकारी दी गई थी. इसके बाद माल्या के भारत प्रत्यर्पण की राह आसान हो गई थी. पहले देश के कई न्यायालयों के अलावा सीबीआई व प्रवर्तन निदेशालय में भी माल्या के खिलाफ मामला चल रहा है.

शराब कारोबारी विजय माल्या ने 9,000 करोड़ रुपये को चुकाए जाने के मामले में बैंकों के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव भी दिया था, लेकिन बैंको ने उसे मानने से इनकार कर दिया था. देश छोड़कर भाग चुके शराब कारोबारी विजय माल्या ने कहा था, ‘मैं चाहता हूं कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट हस्तक्षेप करे और मुझे बैंकों के साथ बातचीत कर इस मसले को सुलझाने का मौका दे.’ माल्या का यह ऑफर वैसे समय में सामने आया था, जब कर्ज वसूली प्राधिकरण बैंकों को उनके कर्ज वसूली के लिए माल्या की संपत्ति को जब्त किए जाने का आदेश दे चुका है. माल्या की गिरफ्तारी वैसै समय में हुई है, जब देश में उन्हें वापस लाए जाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस सरकार के बीच सियासी जंग छिड़ी हुई है.

कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि काले धन का मुद्दा उठाने वाली बीजेपी ने माल्या को देश से सुरक्षित निकलने का आदेश दिया. वहीं बीजेपी का कहना रहा है कि कांग्रेस ने जानबूझकर माल्या को कर्ज दिया. जबकि वह पहले ही डिफॉल्टर्स साबित हो चुके थे. माल्या पर देश के 17 बैंकों का करीब 9,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है. माल्या से कर्ज की वसूली के लिए एसबीआई के नेतृत्व में बैंकों के समूह ने मुंबई में उनके किंगफिशर विला की नीलामी की है.

 

क्या भारत ला पाएगी मोदी सरकार?

माल्या की गिरफ्तारी के बाद अब सबका ध्यान इस बात पर है कि क्या मोदी सरकार माल्या को भारत ला पाएगी. माल्या के देश छोड़ने के बाद विपक्ष ने मोदी सरकार पर करारा हमला बोला था. सरकार ने ऐलान किया था कि माल्या को वापस लाया जाएगा. इसके बाद ईडी औऱ सीबीआई समेत तमाम एजेंसियां माल्या को घेरने में जुट गई थीं. भारत ने ब्रिटेन से माल्या को लाने के लिए कूटनीतिक चैनल का भी इस्तेमाल किया और ब्रिटेिश सरकार को चिट्ठी भी लिखी थी. अब गिरफ्तारी के बाद सरकार सारी प्रक्रियाओं को पूरा कर माल्या को वापस लाने की कोशिश करेगी.

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