#Krantilive : हमें गर्व है कि हम बिहारी हैं…

पटना : ‘पूरा विश्व सिर्फ चढ़ते सूरज को सलाम करता है. मगर हम बिहारी हैं और यह हमारा महापर्व छठ है. हम बिहारी डूबते सूरज को भी सलाम करते हैं”. ये कहते हैं हमारे बेगूसराय के लाल क्रांति प्रकाश झा. वही क्रांति प्रकाश जिन्होंने शारदा सिन्हा द्वारा गाये छठ गीत वाले वीडियो एलबम में अभिनय किया.

क्रांति ने इसके पहले भी राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित फिल्म देशवा और मिथिला मखान जैसे फिल्मों में अभिनय किया है. हाल ही में आयी एमएस धोनी की बायोपिक में भी धोनी को हेलिकॉप्टर शॉट की ट्रेनिंग देते देखे गए हैं. क्रांति प्रकाश झा गुरुवार को लाइव सिटीज के न्यूज जंक्शन में फेसबुक पर लाइव थे. जहां उन्होंने अपनी जिंदगी के अनुभवों को चाहने वालों के साथ साझा किया.

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साहेब हटा लीजिए एएन कॉलेज व पीएमसीएच के सामने लगे कचरे को

फेसबुक लाइव के दौरान क्रांति प्रकाश से सवाल पूछा गया कि बिहार कितना बदला है. जवाब में वे कहते हैं, ” बहुत बदला है बिहार. खासकर पटना में बने नए फ्लाईओवरों को देखकर सुखद अहसास होता है. हम तो गर्व करते हैं कि हम बिहारी हैं”. थोड़ा रुकते हैं, फिर अरज वाली मुद्रा में हाथ जोड़कर पटना जिला प्रशासन और सरकार से गुहार लगाते हुए कहते हैं ” साहेब, एन एन कॉलेज के सामने पता नहीं कब से कचरा जमा रहता है. जब आता हूं तब दिखता है. ऐसा ही हाल पीएमसीएच के सामने का भी है. आपसे रिक्वेस्ट है कि प्लीज हटा लीजिए कचरा इन जगहों से”.

शारदा दीदी, अहां के गोड़ लागइछी…

क्रांति से पहले ये पूछा गया कि छठ वाले नए वीडियो एलबम को करके कैसा लगा. इस सवाल पर सबसे पहले तो ये कहते हैं कि “शारदा दीदी के साथ काम करके खुद को खुशकिस्मत मानता हूं. कभी-कभी सोचता हूं कि उनके गीत नहीं होते तो हमारे यहां छठ का पर्व कैसे होता”. तभी क्रान्ति को ये पता लगता है कि शारदा सिन्हा भी उनके फेसबुक लाइव को देख रही हैं.. फिर क्या था.. कुछ इस तरह उन्होंने बिहार कोकिला शारदा सिन्हा का अभिवादन किया :

दीदी अहां के गोड़ लागइछी.. दीदी अहां बिना ई संभव ना रहलछी.. अहां के आशीर्वाद हमरा हमेशा प्राप्त होइत रहे, अहां के बिना छठ कब्बो संपूर्ण ना भए छे..जय शारदा दीदी. मां दीदी हमरा सामने छे, अहां के हम गोड़ लगई छे”. 

यहां  देखें क्रान्ति प्रकाश झा का फेसबुक लाइव वीडियो :

 

 

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मेरे नाम के पीछे भी बेगूसराय और रामधारी सिंह दिनकर का रोल है

क्रांति प्रकाश से जब यह पूछा गया कि  जब आप क्रांति की धरती माने जाने वाले जगह बेगूसराय से हैं, कितना असर है इसका. इस पर वे खुद हंसने लगते हैं. जुबां पर नाम आ जाता है रामधारी सिंह दिनकर का. कहते हैं “हम रामधारी सिंह दिनकर की धरती से हैं. हमारे नाम के पीछे भी रामधारी सिंह दिनकर औऱ बेगूसराय का रोल है. हमारे पिता जी ये सोच कर मेरा नाम रखे थे कि हम दिनकर के पदचिह्नों पर चलेंगे. अब तो मेरे नाम में क्रांति है. इससे अधिक क्या कहा जाए. मुझे फक्र है कि मैं क्रांति की भूमि से हूं”.

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