मोदी के शहर की स्पेशल मिठाई : बनती है ओस से, तो मिलती है बस साल में तीन माह

लाइव सिटीज डेस्क : काशी भारत की सांस्कृतिक राजधानी, मंदिरों का शहर या शिव की नगरी. यूं तो ये शहर कई चीजों के लिए प्रसिद्ध है. लेकिन जो रस इसके खान-पान में है, उस आंनद के आगे सब कम ही लगता है. बनारस धार्मिकता के लिए पूरी दुनिया में फेमस है. दुनिया भर से टूरिस्ट यहां अध्यातम की तलाश में घूमने आते हैं. यहां की समृद्ध सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक यात्रा कर खुद को भाग्यशाली समझते हैं.

ठिठुड़ती ठंड में, बनारस के रंग में

इसकी वजह भी है. क्योंकि जिस शहर के नाम में ही रस हो, वहां आकर कोई खुद को भाग्यशाली क्यों न समझे? खासकर के ठंड के दिनों में ये शहर अपने मनोरम दृश्यों से आपको और भी आनंदित करता है. कोहरे से ढंकी सड़कों पर पैदल यात्रा करना, हर एक चीज को महसूस करते हुए आगे बढ़ना, ठंड में गंगा किनारे बैठ गुनगुनाती धूप में बनारस की स्पेशल मिठाई मलइयो का लुत्फ लेना. जिसका जूसी और मुंह में जाते ही घुल जाने वाला स्वाद आपको तृप्त कर देता है.

तीन महीने ही मिलती है बनारसी मलइयो

बनारस अपने जायके के लिए सैलानियों की पहली पसंद है और उन्हीं जायकों में शामिल है बनारस की स्पेशल मिठाई मलइयो. यह एक ऐसी मिठाई जो सिर्फ आपको काशी में ही मिलेगी, वो भी सिर्फ तीन महीने. आप सोच रहे होंगे कि हम भारतीय तो जहां जाते हैं, वहां अपनी संस्कृति और खान-पान तक लेकर जाते है. पर यह ऐसी कौन-सी मशहूर मिठाई है, जिस पर अभी तक सिर्फ एक शहर का ही एकाधिकार है.

देशी से लोकल विदेशी सब हैं दीवाने

तो भाई साहब देशी और विदेशी सभी की फेवरेट मलइयो खास इसलिए है क्योंकि यह ओस की बूंद और शुद्ध दूध से बनती है. सैकड़ों साल पहले सबसे पहले इसे बनारस के चौखंभा में बनाया गया था. और उसके बाद इसका दायरा बढ़ता गया. आज यह मिठाई पूरे बनारस में मिलती है.

ऐसे बनती है मलइयो

गदौलिया चौक पर मलइयो की दुकान लगाने वाले रामकृष्ण बताते हैं कि आजकल इसे मशीन से बनाया जाता है. लेकिन मलइयो का असली स्वाद तब आता है, जब इसे हाथ से बनाया जाए. इसे बनाने के लिए सबसे पहले कच्चे दूध को उबाला जाता है. और फिर उसे रात भर खुले आसमान में रख दिया जाता है, जिससे ओस की बूंदें पड़ सके. सुबह में दूध को मथाने से मथ कर झाग निकाल लेना होता है. फिर झाग में चीनी, केसर, पिस्ता, मेवा, इलायची पाउडर मिलाकर मीठी और रसीली मलइयो तैयार होती है.

टेस्ट भी, हेल्थ भी

आज बनारस की हर शुभ कार्य में आपको यह मिठाई खाने को मिल जाएगी. ओस की बूदों से तैयार होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है. ओस की बूंदों में प्राकृतिक मिनिरल पाए जाते हैं जो कि जो स्किन को लाभ पहुंचाते हैं. त्वचा में पड़ने वाली झुर्रियों को रोकते हैं. केसर, बादाम शक्तिवर्धक होते हैं. साथ ही ताकत को बढ़ाते हैं. केसर सुंदरता को प्रदान करता है. इसके अलावा यह मिठाई आपकी आखों के लिए भी फायदेमंद है.

तो जल्दी कीजिए. इन सर्दियों में बनारस घूम आइए और वहां के तमाम जायकों के साथ मीठी-रसीली मलइयो जरूर खाकर आइए.

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