मौर्यलोक के लिट्टी- चोखा के साथ फिलिपींस का दिल जीतने जा रहे हैं ये

 पटना : ऐसे पटनाइट्स बहुत कम होंगे जो DK लिट्टी कॉर्नर से वाकिफ नहीं हों. पटना के मौर्या कॉंम्प्लेक्स के बगल में स्थित हरिनिवास के पास का DK लिट्टी कॉर्नर स्ट्रीट फूड लवर्स की पहली पसंद है. इस लिट्टी कॉर्नर को चलाने वाले दोनों कारीगर अब फिलिपींस के मनीला में 31 मई से 4 जून तक अपनी कारीगरी का हुनर दिखाएंगे. दरअसल,मनीला के SM मॉल में आयोजित हो रहे वर्ल्ड स्ट्रीट फूड कांग्रेस के इस आयोजन में दुनिया भर के स्ट्रीट फूड कारीगर अपने जायके के साथ पहुंच रहे हैं . इन्हीं के बीच भारत से भी चार कारीगर होंगे जिनमें दो बिहारी कारीगर दिनेश कुमार साह और अशोक कुमार होंगे, जबकि दो अन्य देश की राजधानी नई दिल्ली से होंगे.

आसान नहीं था चुना जाना

वर्ल्ड स्ट्रीट फूड कांग्रेस (WSFC) की ओर आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का इस बार का थीम “री-इमैजिन पॉसिबिलिटीज” है. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए भारत के नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (NASVI) की ओर से विभिन्न मानकों को ध्यान में रखते हुए नोमिनेशन भेजा गया था. इन मानकों में स्वचच्छता,हाईजीन, स्वास्थ्य पर पड़ने वाला प्रभाव आदि तमाम घटकों को शामिल किया गया था. इनके आधार पर भारत से चार स्ट्रीट फूड करीगरों का चयन हुआ.

दिनेश के साथी हैं अशोक, अब संभालते हैं किचेन

फिलिपींस में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में भाग लेने जा रहे दिनेश कुमार साह और अशोक कुमार कमती साथी हैं. वर्ष 2015 से ही अशोक कुमार DK लिट्टी कॉर्नर का किचेन संभालते हैं. फिलहाल पटना में DK लिट्टी कॉर्नर के तीन स्टॉल लगे हैं. पहला और सबसे लोकप्रिय स्टॉल मौर्यालोक कॉम्प्लेक्स के पास का है. जबकि दो अन्य स्टॉल बोरिंग रोड चौराहा और कंकड़बाग के डॉक्टर्स कॉलोनी चौक पर है.

इसके पहले सिंगापुर में भी अपनी कारीगरी दिखा चुके हैं दिनेश

दिनेश कुमार साह इसके पहले वर्ष 2013 में भी वर्ल्ड स्ट्रीट फूड कांग्रेस के आयोजन में शिरकत करने सिंगापुर पहुंचे थे. वहीं से इनका प्रसिद्धि की कहानी शुरु होती है. बकौल दिनेश, “दरभंगा से 1998 में पटना आया. पढ़ाई करने के साथ-साथ सचिवालय स्थित बाबा होटल में काम करने लगा. करीब तीन महीने नौकरी की. फिर खुद ही सिन्हा लाइब्रेरी के पास ठेले पर भेलपुरी और झालमुढ़ी बेचने लगा. करीब तीन साल यही करता रहा. कुछ पैसे इकट्ठे हुए तो एक्जीबिशन रोड में एक जगह मिली. वहां लिट्टी की पहली दुकान खोली. धीर-धीरे चलने लगा. हरिनिवास के पास वर्ष 2008 में लिट्टी का स्टॉल खोला गया. धीरे-धीरे ग्राहक पसंद करने लगे.

दिनेश को इसके पहले भी बहुत से सम्मान मिल चुके हैं. किसी भी DK लिट्टी कॉर्नर पर जाइएगा तो स्टॉल के चारो ओर नजर घुमाइएगा. दिल्ली में हुए एक कार्यक्रम में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी भी इनकी लिट्टी का स्वाद ले चुके हैं. ये हर साल दिल्ली में होने वाले आयोजन में भाग लेने जाते हैं. इसके अलावा भी बहुत से सम्मान दिनेश कुमार की लिट्टी कॉर्नर को मिल चुके हैं. सबके कटआउट्स इनकी दुकान के चारों ओर लगे हुए हैं.

स्वच्छता और हाईजीन पर रहता है फोकस

दिनेश कुमार के लिट्टी कॉर्नर की खासियत स्वच्छता और हाईजीन है. वैसे तो दिनेश कुमार अब अपनी स्टॉल पर कम ही बैठते हैं, मगर दिन भर घूम-घूम कर अपने तीनों स्टॉल के चक्कर लगाते रहते हैं. कहते हैं कि, स्टॉल पर जितने भी स्टाफ रखे गए हैं, सबको स्वच्छता को लेकर खास हिदायत दी गई है. यही नहीं किचेन में खुद मौजूद रहते हैं. चोखा और चटनी खुद की देखरेख में बनवाते हैं. लिट्टी के साथ देने वाले घी को बाजार से नहीं खरीदते, बल्कि खुद से तैयार करवाते हैं.

दिनेश कहते हैं कि इसका श्रेय अशोक को भी जाता है. जिस तरह पिछले दो सालों में ग्राहकों को बीच हम लोकप्रिय हैं, उसमें अशोक की किचेनिंग के काम का बड़ा योगदान है. हाईजीन मेंटेन रखने के साथ-साथ स्वाद पर भी फोकस रखने की उनकी पहचान है. फिलिपींस के मनीला में भी हम वहां के लोगों का दिल जीतेंगे. ये उम्मीद करते हैं.

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