हार्ट हॉस्पिटल में EPF-RAF द्वारा ह्रदय रोगों के इलाज पर कार्यशाला का आयोजन

dr

पटना : हृदय की चाल की अनिमियतता का रोग आजकल बिहार और देश के अन्य भागों में त्वरित गति से फ़ैल रहा है. ‘इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल स्टडी’ के द्वारा हृदय की अनियमित चाल वाले भाग को रेखांकित किया जाता है. ‘रेडियो फ्रीक्वेंसी एब्लेसन’ एक ऐसे इलाज की प्रक्रिया है जिससे हृदय के अनियमित बिजली वाले रस्ते को निष्क्रिय और खत्म किया जाता है. एब्लेसन की इस प्रक्रिया से एट्रीयल फलटर, एट्रीयल फिब्रिलेशन, सुपरभेन्ट्रीकुलर टेकीकार्डिया, एट्रीयल टेकीकार्डिया, मल्टीफोकल एट्रीयल टेकीकार्डिया और कुछ भेन्ट्रीकुलर एरीदमया जैसे बीमारी का इलाज किया जाता है. यह प्रक्रिया और इलाज देश के कुछ ही अस्पताल में होता हैं.

देश के प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ और इलेक्ट्रोफिजियोलोजिस्ट डा. आर डी यादव, बत्रा हॉस्पिटल, नई दिल्ली, इस बीमारी के निपुण चिकित्सक हैं. मरीजों को इस बीमारी से छुटकारा दिलाने के लिए वे हार्ट हॉस्पिटल नियमित रूप से आते हैं. विगत 25 मई को स्व. ए के ठाकुर संस्थापित हार्ट हॉस्पिटल, पटना में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. 1 दिन के इस कार्यशाला में डा. यादव ने 8 इपीएस एवं आरअफए, कर मरीज का इलाज किया.

dr

डा. यादव के नेतृत्व में प्रख्यात हृदय रोग विशेषज्ञ डा. राजीव कृष्णा, डा. अभिनव भगत एवं डा. शिशिर कुमार मिश्रा ने इस कार्यशाला में अपना योगदान दिया. सभी मरीज अब स्वस्थ होकर अस्पताल से छुट्टी पा चुके हैं.

ज्ञात हो की हार्ट हॉस्पिटल, पटना में किसी भी तरह की कोरोनरी प्रक्रिया जिसमें जीवन रक्षक प्रक्रिया शामिल है, किये जाते है. अस्पताल के प्रबंधक निदेशक, डा. राजन ठाकुर ने डा. यादव और हार्ट हॉस्पिटल के चिकित्सक को बधाई दी. उन्होंने बताया कि लगभग 287 मरीजों का इपीएस एवं आरअफए प्रक्रिया द्वारा हार्ट हॉस्पिटल में इलाज किया जा चुका है.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*