कहीं आप भी तो नहीं फंस गए, यमुना एक्सप्रेसवे के 17 बड़े प्रोजेक्ट्स रद

19yamuna-expressway3

लाइव सिटीज डेस्क : दिल्ली से सटे यमुना एक्सप्रेस-वे पर निवेश कर चुके या निवेश के इच्छुक लोगों के लिए बुरी खबर है. यमुना एक्सप्रेस-वे डिवेलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने 6 बिल्डर के 17 प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया है. रद्द किये गए प्रोजेक्ट्स में कई नामी गिरामी बिल्डर्स भी शामिल हैं. इनमें जेपी, गौड़ सन्स प्राइवेट लिमिटेड, वीजीए डिवलेपर्स, अजनारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, अरबेनिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रोजेक्ट्स शामिल हैं.

प्राधिकरण का कहना है कि बिल्डर बिना नक्शा मंजूर कराए अवैध तरीके से इन प्रोजेक्ट का निर्माण करा रहे थे. बताया जा रहा है कि नक्शा मंजूर कराने का आवेदन करने के बाद प्राधिकरण ने इस पर आपत्ति लगाई, लेकिन इन बिल्डरों ने प्राधिकरण की आपत्ति का कोई जवाब नहीं दिया. उनका बिल्डिंग प्लान नियोजन विभाग में लटका रहा, जबकि नियमतः आवेदन करने के छह माह में अगर बिल्डिंग प्लान का नक्शा मंजूर नहीं होता तो वो स्वतः रद्द माना जाता है.

19yamuna-expressway3
प्रतीकात्मक फोटो

बता दें कि जेपी समूह को 168 किलोमीटर लंबे यमुना एक्सप्रेस-वे बनाने की एवज में निर्माण शर्तों के अनुसार नोएडा से लेकर आगरा तक पांच जगहों पर पांच-पांच सौ हेक्टेयर जमीन दी गई थी. समूह ने दनकौर के पास मिली जमीन में से कुछ हिस्से गौड़ सन्स प्राइवेट लिमिटेड, वीजीए डिवलेपर्स, अजनारा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, अरबेनिया प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी. वहीं, बाकी जगह पर कमर्शल और रेजिडेंशल प्रॉजेक्ट लॉन्च किए.

गौड़ सन्स के सेक्टर-19, जेपी ग्रुप के सेक्टर-25, अजनारा के सेक्टर-22ए, ओरिस के सेक्टर-22 डी और अरबेनिया के सेक्टर-25 एसडीजेड में सैकड़ों बायर्स फ्लैट और प्लॉट की बुकिंग करा चुके हैं. वहीं, इससे पहले जेपी ग्रुप के पांच प्रोजेक्ट के ले-आउट रिजेक्ट किए जा चुके हैं. इन प्रोजेक्ट में फंसे बायर्स ने जेपी समूह के अधिकारियों के खिलाफ दनकौर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई हुई है.

YEIDA के इस फैसले से बड़ी संख्या में निवेशकों में घबराहट और आशंका घर कर गई है. ले-आउट अप्रूवल ना लेने की वजह से हुई इस कार्रवाई से सैकड़ों बायर्स भी फंस गए हैं, जो इन प्रॉजेक्ट्स में निवेश कर चुके हैं. इन प्रोजेक्ट्स को सपा-बसपा के शासन में मंजूरी मिली थी. बिल्डरों को अब नए सिरे से बिल्डिंग प्लान का नक्शा मंजूर करने के लिए आवेदन करना होगा. कुछ बिल्डरों ने तो बिना निर्माण कार्य के फ्लैट बुक कर रखा था.

यह भी पढ़ें :

कैबिनेट : 341 वेटनरी डॉक्टर की सेवा बढ़ी, कुल 6 एजेंडों पर मुहर

सुशील मोदी ने अब केंद्रीय मंत्री को लिखी चिट्ठी, मिट्टी-मॉल घोटाले की जांच की मांग

1 मई से लागू होगा फैसला, लेकिन गिरिराज ने आज खुद हटा दी लाल बत्ती

BSSC घोटाला : NIT पटना के दो पूर्व स्टूडेंट्स गिरफ्तार, अब गुरूजी की तलाश

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*