मंगलवार से चलेगा माफिया ताकतों पर के के पाठक का डंडा  

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खान विभाग के प्रधान सचिव के के पाठक

पटना : पावर कारीडोर से बड़ी खबर है. बताया जा रहा है कि आईएएस के के पाठक अब खान व भूतत्‍व विभाग के प्रधान सचिव का पदभार संभालने को तैयार हो गये हैं. वे मंगलवार 8 अगस्‍त को योगदान करेंगे. पहले उन्‍होंने योगदान करने से इंकार करते हुए मुख्‍य सचिव अंजनी कुमार सिंह को पत्र लिख दिया था. बाद में,चीफ सेक्रेट्री ने कहा – पहले योगदान दें,फिर उनके पक्ष को सुना जाएगा.

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अब जानकारी यह है कि सरकार ने के के पाठक से सुलह कर ली है. वे योगदान देने के बाद काम भी करेंगे. सरकार ने उन्‍हें अवकाश पर जाने का प्‍लान त्‍याग देने को कहा है. पाठक बिहार के सबसे सख्‍त मिजाज आईएएस आफिसर माने जाते हैं. इनके पास न पार्टी,न पैसा और न पैरवी काम आता है.

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पाठक खान व भूतत्‍व विभाग में बने रह गये,तो मान लें कि योगदान के तुरंत बाद माफिया तत्‍वों पर कानून का डंडा चलने लगेगा. तनिक भी देर नहीं होगी. उनके नाम से पहले ही हड़कंप मचा है. बगैर खुली आजादी के पाठक काम करने को तैयार नहीं होते हैं.

खान व भूतत्‍व विभाग में पाठक के आने का आशय यह भी है कि न सिर्फ बालू माफिया पर कार्रवाई होगी,बल्कि पत्‍थर माफिया भी घेरे में आयेंगे. बालू माफिया सरकार के निशाने पर है. डिप्‍टी चीफ मिनिस्‍टर सुशील कुमार मोदी मानते हैं कि राजद को सबसे अधिक पालिटिकल फंडिंग बालू माफिया से होती है. पर पाठक की तैनाती की खबर से भाजपा के एक सांसद भी परेशान हैं. इस सांसद के खिलाफ पत्‍थर के अवैध कारोबार के कई मामले दर्ज हैं. मनु महाराज जब इनके जिले में थे,तब वे गिरफ्तारी के डर से कई महीने तक भूमिगत हो गये थे.

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