ॐ का जाप कर स्वस्थ रहें

लाइव सिटीज डेस्क:  ॐ तीन अक्षर से बना एक शब्द है, ओ उ म. ओ का अर्थ आन्तरिक ऊर्जा से है.  उ का अर्थ उच्चता को प्राप्त करना, म का अर्थ मौन रहकर ब्रह्मांड में लीन होना. ॐ हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा प्रतीक है. ॐ जाप करके भगवान शिव साधना करते है, राक्षस शिव का आवाहन करते हैं और ऋषि मुनि ॐ के साथ मंत्र का उच्चारण करते है.



आखिर ऐसा कुछ तो खास होगा इस शब्द में, जो भगवान, राक्षस, ऋषि, साधू, संत, ज्ञानी, इंसान और कई जगह तो नदी, पत्थर, पहाड़ और जल से भी ॐ का जाप सुनाई देता है. ॐ जाप में इतनी क्या ताकत होगी कि प्रकृति का हर जीव ॐ का जाप करते है. इस शब्द में कुछ तो ऐसी महाशक्ति है कि सृष्टि की हर वस्तु इसका उच्चारण करती है. ॐ जाप की धार्मिक विशेषता, वास्तविकता व उच्च मूल्यता का हमें पूर्ण ज्ञान तो नहीं, लेकिन इस शब्द के शारीरिक फायदे जानने के बाद सभी ॐ जाप करना शुरू कर देंगे.

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 क्या फायदे है ॐ जाप के

-गले में कंपन व तरंगे उत्त्पन होती है, जिसका शरीर के आंतरिक अंगों और थायराइड पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है और शरीर आंतरिक रूप से मजबूत होने लगता है.

-जो ध्वनि और तरंगे उत्पन्न होती है, जिससे रक्त का प्रवाह शरीर के हर भाग में संतुलित तरीके से होता है.

-ॐ के उच्चारण से पाचन तंत्र में जो तरंगे पहुंचती है, वह पाचन तंत्र को क्रियाशील और स्वास्थ्य बनाती है.

-शरीर को थकान मुक्त कर स्फूर्ति से भरता है, जिससे शरीर, मन व हृदय को अंदर से शक्ति मिलती है.

-मन को मानसिक तनाव और बुरे विचार से मुक्त करता है, जिससे मन मजबूत होने लगता है और इच्छाओं पर नियंत्रण होता है.

-कंपन व तरंग फेफड़ों को स्वस्थ और मजबूत बनाती है और रोग मुक्त रखती है.

– हमें सही स्थिति और आसन में बैठने के संकेत दिमाग में जाता है.

-हमारी कल्पना शक्ति को वास्तविक रूप देता है.

-आसन अवस्था में ॐ जाप करने से सारी हड्डियां एक विशेष अवस्था में स्थिर हो जाती है हड्डियों को मजबूती मिलती है.

-शरीर को आंतरिक रूप से इतना मजबूत कर देता है कि हम हर भय से मुक्त हो जाते है.

-का उच्चारण हमारी ज्ञानेन्द्रियों को इतना मजबूत कर देता है कि आत्मा शरीर से अलग होकर जीते जी ब्रह्मत्व में विलीन होने लगाती है.

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इसके अलावा ॐ जाप शरीर को मजबूत, हल्का, ऊर्जावान, स्वास्थ्य, रोगमुक्त करता है. उसके साथ साथ दिमाग को विकसित, ज्ञानवान, तनावमुक्त, स्थिर, एकाग्र करता है. ह्रदय को प्रसन्न, उत्साहित, स्वास्थ्य और एहसास मुक्त करता है – जिसके कारण हम दुनिया की तकलीफ, बेकार की परेशानी और समस्याओं में नहीं उलझते.