ज्योतिष शास्त्र : जॉब ट्रांसफर एवं पदोन्नति की दशा

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लाइव सिटीज डेस्क : आजकल यह आम समस्या है नौकरी में ट्रांसफर परंतु यह भी है कि ट्रांसफर दुखद है या सोहार्द पूर्ण है या इस में ग्रहों की मायाजाल होती है. जब कभी भी व्यक्ति की महादशा एवं अंतर्दशा अथवा गोचर में चल रही वर्तमान ग्रहों की दशा अंतर्दशा तीसरे भाव बारहवें भाव एवं नव नवमें भाव के संपर्क में आता है एवं मुख्यता दशम भाव से कहीं न कहीं जुड़ा होता है तो व्यक्ति के जीवन में स्थानांतरण या जॉब ट्रांसफर की उम्मीदें बढ़ जाती है. छठे स्थान का  उपनक्षत्र स्वामी एवं दशम स्थान का उपनक्षत्र स्वामी जब गोचर में अर्थात वर्तमान में व्यक्ति के कुंडली से तीसरे बारावे एवं नवम भाव से विचरण करता है तो स्थानांतरण की उम्मीदें बढ़ जाती है.

यदि चौथे भाव का प्रभाव काफी हो तो होमटाउन अर्थात अपने वर्तमान जन्म स्थान या घर के करीब स्थानांतरण होता है. यदि दशम भाव का नक्षत्र कहीं न कहीं अष्टम भाव से भी जुड़ा हो तो व्यक्ति को ना चाहते हुए भी किसी ऐसे जगह स्थानांतरण मिलता है जो कि काफी कष्टकारक होता है. यदि दशम चतुर्थ एवं लाभ भाव एवं द्वितीय भाव से जुड़ा हो तो व्यक्ति को पदोन्नति के साथ काफी अच्छे इंक्रीमेंट के साथ नौकरी में स्थानांतरण मिलता है और वह काफी अच्छा फलीभूत होता है.

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व्यक्ति विशेष की जन्म कुंडली के द्वारा या प्रश्न कुंडली के द्वारा निरीक्षण करके जाना जा सकता है. मैंने उनको अमुक महा बताया था कि इस माह तक आप अपने होमटाउन में ट्रांसफर के लिए कोशिश करें और यह निश्चित फलीभूत होगा. उन्होंने मुझसे मिलकर शुक्रिया किया एवं ज्योतिष के प्रति और नक्षत्रों के प्रति उनका विश्वास और भी प्रबल हुआ. यदि किसी व्यक्ति विशेष की कुंडली या प्रश्न कुंडली पर अच्छे तरीके से विचार करके निचोड़ निकाला जाए तो निश्चित तौर पर हम एक अच्छे परिणाम पर पहुंच सकते हैं और सदियों से चली आ रही ज्योतिष शास्त्र, प्रश्न शास्त्र पर लोगों की आस्था बढ़ेगी क्योंकि ज्योतिष एक विज्ञान शास्त्र है और ज्योतिषी गलत हो सकता है परंतु ज्योतिष शास्त्र गलत नहीं हो सकता.

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