जैन धर्म का 11 दिवसीय महापर्व पर्यूषण शुरू

नवादा (पंकज कुमार सिन्हा) : जैन धर्मावलम्बियों का आत्म शोधन का 11 दिवसीय महापर्व “पर्यूषण” आज से नवादा में परम्परागत धार्मिक माहौल में शुरू हो गया. इस अवसर पर नवादा स्थित श्री दिगम्बर जैन मंदिर के साथ ही जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के प्रथम शिष्य गौतम गणधर स्वामी की निर्वाण भूमि श्री गुणावां जी दिगम्बर जैन सिद्ध क्षेत्र पर आज स्थानीय जैन धर्मावलम्बियों ने भगवान के अभिषेक व पूजन के पश्चात् “दशलक्षण धर्म” के प्रथम स्वरूप “उत्तम क्षमा धर्म” की विशेष पूजा अर्चना की एवं अपने व्यवहारिक जीवन में “क्षमा” की सार्थकता को आत्मसात करने का संकल्प लिया.

इस कार्यक्रम में जैन समाज के दीपक जैन, राजेश जैन, महेश जैन, सुभाष जैन, अभय जैन, माणिक चंद जैन, उदय जैन, भीमराज जैन, ज्ञान चंद जैन, मनोज जैन, सुनील जैन, जय कुमार जैन के साथ ही सुषमा जैन, लक्ष्मी जैन, शकुंतला जैन, श्रद्धा जैन, श्रुति जैन, श्रेया जैन, सुनीता जैन, चंदा जैन, ममता जैन, स्वीटी जैन, रजनी जैन, मधु जैन, अनिता जैन व संतोष जैन सहित भारी संख्या में जैन धर्मावलम्बियों ने शिरकत किया.

जैन समाज के प्रतिनिधि दीपक जैन ने बताया कि 11 दिवसीय इस पवित्र महापर्व के दौरान आगामी कल से “दशलक्षण धर्म” के अन्य स्वरूपों में शामिल “उत्तम मार्दव धर्म” (चित्त में मृदुता व व्यवहार में नम्रता), “उत्तम आर्जव धर्म” (भाव की शुद्धता), “उत्तम सत्य धर्म” (यथार्थ व हितकारी वचन की स्वीकार्यता), “उत्तम शौच धर्म” (लोभहीनता), “उत्तम संयम धर्म” (मन, वचन व शरीर पर नियंत्रण), “उत्तम तप धर्म” (मलीन वृत्तियों को प्रतिबंधित करने हेतू तपस्या), “उत्तम त्याग धर्म” (ज्ञान, अभय, आहार व औषधि दान की ग्राह्यता), “उत्तम आकिंचन्य धर्म” (मोह-माया का त्याग कर अपरिग्रह का अनुकरण) एवं “उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म” (सद्गुणों का अभ्यास कर स्वयं की पवित्रता) की क्रमवार विशेष पूजा-अर्चना कर आत्मकल्याण में अपनी अहम भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.

यह भी पढ़ें – हज : लब्बैका अल्लाहुम्मा लब्बैक, ऐ अल्लाह मैं हाजिर हूं...
भागवत कथा मिटाती है जीवन की व्यथा, कल से 1 सितंबर तक रोज करें रसपान