इस मंदिर में आम के पेड़ से आती है बेलपत्र की खुशबू, पत्थर से निकलता है पानी

मुंगेर (सुनील कुमार जख्मी) : विश्व में करोड़ों शिव भक्त है और शिव के लाखों मंदिर हैं. बिहार का मुंगेर जिला के शिव धाम की अपनी अलग विशेषता है. इसके प्रांगण में लगे आम के पेड़ से बेलपत्र की खुशबू आती है तो पत्थर से पानी निकलता. शिव गुरु धाम की स्थापना कई महत्वपूर्ण पदों पर रहने वाले में मुंगेर जिला जज के पद से सेवानिवृत्त स्वामी अनुरागानन्द ने किया है. यह मंदिर मुंगेर मुख्यालय से 5 किलोमीटर की दूरी पर सदर प्रखंड के मय पंचायत के पहाड़ी पर बना है.

संस्थापक व संचालक अनुराग आनंद ने भास्कर को बताया कि शिवपुराण के अनुसार हिमालय की पुत्री के मृत शरीर को लेकर शिव तांडव करते हुए इसी रस्ते से गुजरते हुए यहां बैठे थे. नारायण के द्वारा सती के बांयी नेत्र कट कर यह इस इलाके में गिरी थी. भारत के 52 शक्तिपीठों में से एक चंडिका स्थान भी इसका एक प्रमाण है.

दूसरा प्रमाण है जिस पत्थर पर शिव बैठे थे उस पत्थर से पानी निकलता था. इस मंदिर में पत्थर पर अभी भी इसके निशान देखें जा सकते है. उन्होंने बताया की बिल्व पत्र की खुशबू शिव को पसंद है. इसलिए यहां जितने भी पेड़ पौधे हैं प्रायः उसमें बिल्व पत्र की ही खुशबू आती है. चाहे वह आम का ही पर क्यों ना हो. भारत का अनोखा शिव मंदिर जहां महादेव की नहीं होती है पूजा, वजह है बेहद दिलचस्प

उन्होंने बताया कि सरकारी विभिन महत्वपूर्ण पदों पर रहते हुए भी लगातार 48 वर्षों तक बीमार रहा करते थे. एम्स में इलाज के दौरान मेरे मित्र हरींद्रानंद ने 12 फरवरी 1998 के कहने पर उन्होंने शिव को गुरु मानकर उनसे दया मांगी. फलस्वरूप बीमारी दस दिनों में ही दूर हो गयी और आज तक बीमार नहीं पड़े. इसलिए वे लोगों को शिव को गुरु मानकर जीवन स्वस्थ रखने के उद्देश्य से इस मिशन की स्थापना किया है.

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