बुद्ध पूर्णिमा पर बौद्धधर्म के अनुयायियों से गुलजार रहता है बोधगया

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लाइव सिटीज डेस्क : आज बुद्ध पूर्णिमा है. वैशाख पूर्णिमा के दिन ही बुद्ध पूर्णिमा का आयोजन होता है. दरअसल महात्मा बुद्ध के जीवन में वैशाख पूर्णिमा का बहुत ही विशेष महत्व है. उनके जीवन में तीन प्रमुख घटनाएं इसी दिन हुई थीं. राजकुमार सिद्धार्थ के रूप उनका जन्म हुआ वैशाख पूर्णिमा को हुआ था. आज हम जिस जगह को बोधगया के नाम से जानते हैं, वहीं पीपल वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और ज्ञान प्राप्ति के बाद ही वह बुद्ध कहलाए.
महात्मा बुद्ध को परिनिर्वाण की प्राप्ति भी आज ही के दिन यानि वैशाख पूर्णिमा को हुई थी. ऐसा अद्भुत संयोग किसी के जीवन में शायद ही देखने को मिलता है.
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आज बुद्ध पूर्णिमा के दिन महात्मा बुद्ध के जीवन से जुड़े तमाम स्थलों जैसे कुशीनगर, बोधगया, सारनाथ आदि में बौद्धधर्मावलम्बी एकत्रित होते हैं और मन की शांति और विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना करते हैं. बौद्ध धर्म के मानने वाले चीन, जापान, कोरिया, कम्बोडिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, म्यान्मार, नेपाल, भूटान जैसे देशों में भी भारी संख्या में मौजूद हैं.
इसके अलावा पूरे देश में तिब्बती शरणार्थियों में बौद्ध धर्म को मानने वालों की संख्या ज्यादा है. उनके लिए आज का दिन विशेष महत्व रखता है. इस पावन अवसर पर विशेष प्रार्थना के लिए विदेशों से भारत आने वाले बौद्धों की संख्या भी काफी ज्यादा रहती है. बिहार का बौद्धगया में तो काफी चहल—पहल देखी जा सकती है.
लोग बोधिवृक्ष के गिरे पत्तों को प्राप्त कर स्वयं को धन्य मानते हैं और उसे यहां की यादों के तौर सहेज कर रखते हैं.