जीवन को तृप्त कर देते हैं मां और प्रेम : छोटे बापू

बिहटा (मृत्युंजय कुमार) : मां और प्रेम का दोनों का होना जीवन में बहुत आवश्यक है. यह मानव जीवन को तृप्त कर देता है. प्रेम के बिना जीवन का कोई अर्थ नहीं है. उक्त बातें मंगलवार को बिहटा क्षेत्रवास के तत्ववाधान बिहटा के महावीर नगर में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय रामकथा के छठे दिन प्रवचन करते छोटे बापू जी महाराज ने कहा. उन्होंने कहा कि प्रेम प्रकट हो जाए तो परमात्मा प्रकट हो जाती है. बड़ा सीधा सा दो ओर दो चार वाला गणित है. जीवन के तीन अहम आधार हैं सत्य, प्रेम और करुणा. सत्य अपने लिए हैं तो प्रेम दूसरे के लिए जबकि करुणा समस्त मानव जाति के लिए होनी चाहिए.

धरती पर यदि मनुष्य इन तीन आधारों का पालन करें तो समस्त मानव जाति का कल्याण हो सकता है. उन्होंने मानस के माध्यम से कहा कि जनक का प्रेम गुप्त था, लेकिन राम को देखकर प्रेम प्रकट हो गया. भागवत दर्शन से प्रेम प्राप्त होता है, स्वास्थ्य दर्शन से प्रत्यक्ष प्रेम प्राप्त हो जाता है. बापू ने कहा कि प्रभु के दर्शन से भी प्रेम पनपता है. उन्होंने एक शेर के माध्यम से कहा कि ‘उसने देखते ही मुझे दुआओं से भर दिया, मैंने अभी सजदा भी नहीं किया था.’ बापू ने संत की परिभाषा का वर्णन करते हुए बताया कि संत वही होता हे जो शांत, सुशील, कुलीन व ध्यान निष्ठ होता है.

वहीं धर्म के संबंध में पूछे एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि समाज में अनेक विसंगतियां, कुरीतियां और कुत्सित मानसिकता के लोग हैं. समाज में पाप की अधिकता न हो, इसलिए धर्म साबुन का काम कर रहा है। धर्म और राजनीति के गठजोड़ पर छोटे बापू ने कहा कि राजनीति में तो धर्म होना चाहिए, लेकिन धर्म में राजनीति नहीं. धर्म राजनीति में सत्य, प्रेम और करुणा की स्थापना का कार्य करता है, जबकि यदि धर्म में राजनीति हो तो यह समाज और संस्कार को दूषित करने का काम करता है.

उन्होंने कहा कि जीवों को भव से पार कराने में प्रभु श्रीराम ने कई भक्तों पर अपनी करूणा बरसाई है, किन्तु भाव की प्रधानता से ही वह संभव हो पाया, जैसा कि गंगा पार की उतराई केवट ने नहीं लेकर उनके पैर पखार कर स्वयं को भवसागर से पार कर गए. वहीं माता सबरी ने अपने सद्गुरु की प्रेरणा से साधना के पंथ अंगीकार करते हुए प्रभु श्रीराम को पा लिया. इस मौके पर सिया राम सिंह, सिया शरण, परवेश शरण, राधे शरण आदि रामकथा के संगीत कलाकारों ने अपनी संगीत के माध्यम से सभी भक्तो को ओतप्रोत करते रहे.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*