कांवर के दौरान न करें ऐसी 5 गलतियां, पूरी नहीं होती है मनोकामनाएं…

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लाइव सिटीज डेस्क : 10 जुलाई से भगवान भोलेनाथ का सबसे पसंद महीना सावन शुरू हो चुका हैं. भोले के भक्त सावन प्रारंभ होते ही केसरिया रंग के कपड़ों में अपने कंधे पर गंगाजल से भरे कमंडल को लेकर शिवलिंग का अभिषेक करने के लिए निकल पड़ते हैं.

 

 

 

कावरियों की मन्नतें तभी पूरी होती जब इन नियमों का पालन किया जाए:

कांवर यात्रा शुरू करते ही कावंड़ियों को किसी भी प्रकार का नशा नहीं करना चाहिए. यात्रा पूरी होने तक मांस, मदिरा और तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए. कांवर यात्रा शुरु करते समय हर दिन स्नान करने के बाद ही कांवर को छूना चाहिए. ऐसा नहीं करने से इसका फल नहीं मिलता. कांवर यात्रा के दौरान चमड़े से बनी वस्तु और चारपाई का उपयोग नहीं करना चाहिए. इसके अलावा किसी पेड़ के नीचे भी कांवर को नहीं रखना चाहिए.

 

 

कांवर ले जाते समय पूरे यात्रा के दौरान बोलबम और जय भोले के जयकारों के साथ ही आपनी यात्रा आरंभ करें. ऐसा करने से भगवान शिव की विशेष कृपा मिलती है.

 

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हालांकि की पूरी माह लोग आस्था और निष्ठा से इस यात्रा में सम्मलित होते है और भगवान की भक्ति में अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं. ऐसा माना जाता है जो पूरे नियम से इसका पालन करता है उसे पूर्ण फल की प्राप्ति होती है.

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