इस बार बिहार की धरती पर लगेगा महाकुंभ, सिमरिया में 17 अक्टूबर से होगा शुरू

लाइव सिटीज डेस्क : इस बार बिहार की धरती पर महाकुंभ लगेगा. यह इसी साल 17 अक्टूबर से शुरू होनेवाला है. बिहार के बेगूसराय स्थित सिमरियाधाम में इसकी तैयारी शुरू कर दी गयी है. महाकुंभ-2017 के आयोजन का फैसला सर्वमंगला विद्वत परिषद ने किया है. इसमें देश भर के साधु व संत भाग लेंगे.

तीन दिवसीय इस धार्मिक संगोष्ठी का आयोजन कार्तिक माह में होगा. 17 अक्टूबर को ध्वजारोहण के साथ इसकी शुरुआत होगी. इस बार महाकुंभ के विशेष पर्व स्नान का आयोजन 18, 19, 26 और 31 अक्टूबर तथा 4, 14 और 16 नवंबर को होगा. बता दें कि पिछले साल सिमरियाधम में आयोजित अर्धकुंभ में देश भर से लगभग 90 लाख श्रद्धालुओं आये थे. इस बार महाकुंभ में यह संख्या दो से ढाई गुना ज्यादा होने की उम्मीद बतायी जा रही है.

गौरतलब है कि इस बार अक्टूबर में होने वाले महाकुंभ की विधिवत शुरुआत इसी माह के पहले सप्ताह में की गयी थी. इसमें गोवा की राज्यपाल डॉ. मृदुला सिन्हा, काशी विद्वत परिषद के अध्यक्ष महामहोपाध्याय रामयत्न शुक्ल, दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के डॉ रामचंद्र झा, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानंद सरस्वती समेत अन्य लोग शामिल हुए थे.

इस दौरान कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय से प्रकाशित विश्व विद्यालय पंचांग का भी विमोचन किया गया. इसके अलावा सिमरिया महाकुंभ-2017 के प्रतीक चिह्न का भी विमोचन किया गया. संगोष्ठी में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव दुबारा पारित किया गया कि आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से सिमरियाधाम की अत्यधिक महत्ता है. उधर आयोजक ने बिहार सरकार से इस महाआयोजन के लिए अचित व्यवस्था कराने की भी मांग की है. आयोजकों ने सरकार और प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि जितनी गंभीरता और तैयारी महाकुंभ को लेकर होनी चाहिए, वह नहीं दिख रही है. वर्ष 2011 में सिमरियाधम में आयोजित अर्धकुंभ में भी प्रशासन की तरफ से दुरुस्त व्यवस्था नहीं थी. इसके कारण श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा था.

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