आ रहा है सावनः जान लें देवघर में अब ऐसे नहीं होंगे दर्शन, हो गया फैसला

लाइव सिटीज डेस्कः  पवित्र सावन का महीना आ रहा है. सावन भोले शंकर का महीना है. बाबाधाम मतलब देवघर में सावन महीने में देश भर से लाखों-लाख शिव भक्त पहुँचते हैं. कांवर यात्रा भागलपुर के सुलतानगंज से शुरु होती है. माना जाता है कि देवघर के महादेव सभी भक्तों का कल्याण करते हैं. बाबाधाम में स्थापित ज्योतिर्लिंग देश के द्वादश ज्योतिर्लिंग में शामिल है.



सावन आते देख झारखंड प्रशासन ने देवघर की तैयारियां शुरु कर दी है. कुछ साल पहले मंदिर परिसर में अचानक मची भगदड़ में कई श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी. तब से प्रशासन ने व्यवस्था सुधारने को कई उपाय किये हैं. मंदिर में सावन के दिनों में रोज लाखों लोग भोले शंकर को जल अर्पण के लिए आते हैं. प्रत्येक सोमवार को भीड़ अधिक ही होती है.

2016 में प्रशासन की विशेषज्ञ समिति ने महसूस किया था कि VIP Darshan की व्यवस्था भी परेशानी की बड़ी वजह है. इसके कारण आम भक्तों में गुस्सा बढ़ता है. साथ में,समय जाया होता है. विशेषज्ञ समिति की सलाह पर साल 2016 में झारखंड सरकार ने देवघर में VIP Darshan की व्यवस्था को पूरी तरह ख़त्म कर दिया. व्यवस्था ख़त्म होने के कारण प्रशासन ने VIP Darshan का कोई भी रिक्वेस्ट नहीं स्वीकार किया.

अब 2017 के देवघर सावन मेले की तैयारी में लगे झारखंड प्रशासन ने फिर से व्यवस्था की समीक्षा की है. समीक्षा के बाद झारखंड सरकार के जॉइंट सेक्रेटरी विजय कुमार मुंजानी का आदेश 29 मई को ही निर्गत हो गया. आदेश देवघर के उपायुक्त को मिल चुका है. इस आदेश में स्पष्ट कर दिया गया है कि इस साल भी कोई VIP Darshan नहीं होगा. 2016 की व्यवस्था ही बहाल रहेगी. आदेश का अभिप्राय साफ़ है कि VIP Darshan के लिए लोग सावन महीने में देवघर न आएं. सरकार में किसी भी स्तर पर इस बाबत कोई रिक्वेस्ट नहीं सुनी जाएगी.

झारखंड सरकार ने इस बाबत अपने निर्णय की जानकारी देश के सभी प्रदेश सरकारों के साथ केंद्र सरकार को दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ऑफ़ इंडिया के रजिस्ट्रार जनरल और सभी हाई कोर्ट को भी जानकारी भेज दी गई है.

Topper Scam : नेताजी की फर्जी फैक्ट्री लेती थी फर्स्ट क्लास का ठेका

आप के हेल्थ मिनिस्टर की बढ़ी परेशानी, CBI ने की पूछताछ